
कोरबा . श्यांग के जंगल में स्कार्पियो ड्राईवर वास्तव वैष्णव के ब्लाइंड मर्डर केस को पुलिस ने सुलझा लिया है लेकिन ड्राइवर की गोली मारकर हत्या करने वाला मास्टर माइंड अब भी फरार है। पुलिस ने इस मामले में पांच अंतर्राज्यीय हत्यारों को पुलिस ने धर दबोचा है जबकि घटना में कुल छ: आरोरी शामिल हैं।
पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने एक स्कार्पियो , दो बाईक एवं 303, 315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक मयंक श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता कर इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने पांच फरवरी को स्कार्पियो चालक की हत्या कर वाहन को लूटा गया था। इस घटना को सुलझाने में पुलिस को २०० सीसीटीवी फुटेज खंगालने पड़े। कई फोन कॉल्स ट्रेस किए गए। पुलिस की पांच विशेष टीमें बनाई गईं। इधर साइबर सेल से तकनीकी सहायता ली गई। तब जाकर मामले को सुलझाने में सफलता मिली है।
ये है मामला
बालको थाना अंतर्गत लाल घाट निवासी वास्तव वैष्णव पिता भारत दास वैष्णव 26 वर्ष के घर पांच फरवरी 2018 की दोपहर 2.30 बजे से 3.00 बजे के मध्य तीन अज्ञात युवक मोटर सायकल में सवार होकर पहुंचे थे। उन्होंने श्यांग जाने के लिए वैष्णव द्वारा चलाए जा रहे स्कार्पियो की बुकिंग करायी।
श्यांग जाने के लिए 2200 रूपए किराया तय हुआ। तीनों स्कार्पियो का भाड़ा तय कर श्यांग की ओर चले गए। इसकी जानकारी चालक द्वारा वाहन स्वामी अशोक मिश्रा को दी गई। रात्रि 9 बजे तक श्यांग से वापसी की सूचना उसने दी थी। परंतु चालक वैष्णव के वापस नहीं लौटने एवं मोबाईल बंद होने पर उसकी बहन सुकांति वैष्णव ने बालको थाना में गुम इंसान का मामला दर्ज कराया। पतासाजी में जुटी पुलिस को श्यांग के जंगल में वैष्णव की लाश मिली। पीएम रिपोर्ट में उसकी हत्या किये जाना बताया गया।
10 हजार का ईनाम भी रखा
पुलिस इस मामले को लेकर एक समय हिम्मत हार गई थी। लगा जैसे इस मामले को शायद ही वह कभी सुलझा पाएगी। पुलिस ने सूचना देने पर 10 हजार का ईनाम भी रखा था। यह अब दिया जाएगा। प्राथमिक जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने स्कार्पियो लूटने की नीयत से चालक की हत्या की है। जांच में पता चला कि अंतर्राज्यीय गिरोह के मुकेश जायसवाल व उसके गिरोह द्वारा हत्या की वारदात को अंजाम दियाा है।
एक वर्ष पूर्व सेक्टर पांच बालको में निवासरत मुकेश जायसवाल उर्फ राजेश उर्फ नरेन्द्र सिंह अपने साथियों के साथ घटना दिन बालको क्षेत्र में देखा गया था। इसी आधार पर पुलिस की दो टीमें रायगढ़ धरमजय गढ़, तमनार खरसिया, जशपुर एवं लैलुंगा में आरोपियों की तलाश में गयी। पुलिस को पता चला कि मुकेश अपने साथी रवि सिदार ग्राम पंचायत बखना के साथ पूर्व में कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। रवि सिदार के बारे में पुलिस ने जानकारी जुटानी शुरू की जिसमें पता चला कि रवि भी हत्या, चोरी, धोखाधड़ी व लूट पाट के मामलों में जेल जा चुका है। इस पर बीस मामले दर्ज हैं। वर्तमान में जिला बदर है।
मुखबिर की सूचना पर रवि सिदार को ग्राम नखना में पकड़ा गया। पूछताछ में उसने बताया कि साथी मुकेश जायसवाल ने ही यह पूरा षड्यंत्र रचकर हत्या की थी। झारखंड निवासी अंकित द्विवेदी, गणेश उरांव, कुंदर तिवारी के साथ षडयंत्र अनुसार स्कार्पियो बुक किया और चालक की हत्या कर स्कार्पियो लूट कर झारखंड में बेच दिया। मामले में पुलिस ने आरोपी रवि सिदर, अंकित कुमार द्विवेदी, अशोक चौधरी, गणेश नारायण उरांव व कुंदन तिवारी को गिरफ्तार किया है जबकि मुकेश जायसवाल फरार है। एसपी ने इस मामले को सुलझाने बालको, श्यांग एवं क्राइम ब्रांच की सराहना की है। इनाम की राशि दस हजार रुपए इन पुलिस कर्मियों को दी जाएगी।
दो टुकड़े कर साढ़े तीन लाख में बेचा स्कॉर्पियो
एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि घटना का अंजाम देने में प्रमुख आरोपी मुकेश जायसवाल है। जिसके द्वारा इस पूरे षडयंत्र की रूपरेखा तैयार की गई थी। मृतक युवक भारत की हत्या भी इसी ने गोली मारकर की थी। हालांकि फिलहाल घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं किया गया है। आरोपियों ने स्कॉर्पियों को दो टुकड़ों में करीब साढ़े तीन लाख रूपए में बेच दिया था। खरीदारों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
Published on:
04 Apr 2018 10:45 am
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