बैल के गले से घंटी खोलने को लेकर हुए विवाद में एक परिवार ने ग्रामीण को पकड़कर रस्सी से खंभे में बांध दिया। उसे लात, घूसा और लाठी से पीट-पीटकर मार डाला। इस मामले में पुलिस ने एक परिवार के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं।
घटना विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम कुुमहीपानी धजाक की है। गांव में रहने वाला बालसाय तिर्की उम्र 40 वर्ष का पुराना विवाद गांव में एक व्यक्ति विरेंद्र एक्का और उसके परिवार के साथ चल रहा था। रविवार को विरेंद्र के परिवार ने बालसाय की बाड़ी से लकड़ी के रुधान को हटा दिया। बैल के गले से घंटी भी खोलकर ले गया। इसका बालसाय ने विरोध किया।
इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ। रात लगभग आठ बजे विवाद ने उग्र रूप ले लिया। विरेंद्र के परिवार ने बालसाय को उसके घर में घुसकर पकड़ लिया। उसे खींचकर विरेंद्र का परिवार अपने घर ले गया। आंगन में लकड़ी के खंभे पर सटाकर रस्सी से बांध दिया। एक्का परिवार ने विरेंद्र की हाथ, लात, मुक्का से मारपीट किया। लाठी और डंड से भी पीटा। आरोपियों ने बालसाय को तब तक पीटा। जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट की यह घटना तेजी से फैल गई।
इसकी सूचना पुलिस को दी गई। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें विरेंद्र एक्का उम्र 28 वर्ष, उसकी पत्नी बुधमनिया उम्र 25 वर्ष, खलासो एक्का उम्र 45 वर्ष, सोनामनी एक्का उम्र 24 वर्ष और सोनामनी का पति फिलिप एक्का शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रास्ता रोककर बलवा, बंधक बनाकर मारपीट और हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपियों को पुलिस ने कटघोरा के एक कोर्ट में पेश किया। यहां से आरोपियों को रिमांड में जेल भेज दिया गया।