
हाथी (photo source- Patrika)
Elephant In CG: कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में हाथियों का विचरण और उत्पात नहीं थम रहा है। वर्तमान में यहां 50 हाथियों का दल अलग-अलग क्षेत्र में विचरण कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कटोरीनगोई के आश्रित ग्राम धोबीबारी में बीते 5-6 दिनों से हाथियों का उत्पात जारी है। हाथियों के दल ने गांव में कई कच्चे मकानों को तोडक़र नुकसान पहुंचाया है। जिससे लगभग 10 परिवारों के लोग बेघर हो गए हैं। प्रभावित परिवारों में पंडों, रजवार, गोंड़ और धोबी समुदाय के लोग शामिल हैं।
मकान टूटने के कारण मजबूरी में उन्हें पेड़ के नीचे शरण लेना पड़ रहा। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से हाथियों का उत्पात जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग हर रोज शाम के करीब 4 बजे के आसपास हाथियों का झुंड ग्राम में प्रवेश कर जाता है। इस घटना को लेकर गांव के लोगों में वन विभाग के प्रति नाराजगी है।
ग्रामीणों ने विभाग पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग की कार्यवाही से न तो हाथी गांव से हट रहे हैं और न ही लोगों को सुरक्षा मिल पा रही है। ग्रामीणों नेकहा है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और विकराल हो सकती है। जिससे जनहानि की भी संभावना है। गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
लोग प्रशासन और वन विभाग से तत्काल राहत, मुआवजा और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। बड़ी संख्या में धोबीबारी सहित आसपास के अन्य गांव के करीब के जंगल में हाथियों के विचरण के कारण लोगों में डर बना हुआ है। हालांकि वन विभाग का कहना है कि हाथियों को खदेडऩे प्रयास किए जा रहे हैं।
धोबीबारी में हाथियों के हमले में चार मवेशियों की मौत हो गई। जान बचाने के लिए ग्रामीणों को भागना पड़ा, तब कहीं जाकर हाथी ग्राम से हटे। ग्रामीणो ने बताया कि हाथियों के हमले से मवेशियों के साथ-साथ फसलें भी बर्बाद हो चुकी है। हाथियों ने पीडीएस से मिला राशन भी चट कर दिया है, इससे ग्राम में खाने-पीने का संकट भी गहरा गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना किया है। उचित कार्यवाही की बात भी कही है।
Updated on:
13 Feb 2026 12:23 pm
Published on:
13 Feb 2026 12:22 pm
बड़ी खबरें
View Allकोरबा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
