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छत्तीसगढ़ के झुमका जलाशय का पानी फिल्टर कर पिलाने की तैयारी, 24 गांवों को मिलेगा लाभ…जानिए कैसे

Koria News: जल जीवन मिशन के तहत नरकेली समूह जलप्रदाय योजना से बैकुंठपुर के आसपास 24 ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति की तैयारी है। 21 करोड़ की लागत से प्रदूषित झुमका जलाशय के पानी को पेयजल के रूप में उपयोग करने प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

कोरीयाApr 11, 2024 / 05:16 pm

Khyati Parihar

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Chhattisgarh News: दो-तीन दशकों के बाद झुमका जलाशय का पानी फिल्टर कर पीने के लिए उपयोग करने की तैयारी की जा रही है। जल जीवन अमृत मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाकर 24 ग्राम पंचायतों में इसकी सप्लाई की जाएगी। इसके लिए 21 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जबकि यह जलाशय प्रदूषित है।
यही कारण है कि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड ने (एसईसीएल) इसका उपयोग बंद कर दिया। कंपनी इसका पानी पीने और निस्तारी के लिए करती थी। मजे की बात है कि जब पत्रिका ने जब इस संबंध संबंधित विभागों से बात की दोनों से एक दूसरे के उलट बयान दिए।
यह है योजना

जल जीवन मिशन के तहत नरकेली समूह जलप्रदाय योजना से बैकुंठपुर के आसपास 24 ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति की तैयारी है। 21 करोड़ की लागत से प्रदूषित झुमका जलाशय के पानी को पेयजल के रूप में उपयोग करने प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। एक साल बाद मध्यम सिंचाई परियोजना झुमका जलाशय से दिसंबर 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण को रोजाना 55 लीटर शुद्ध पीने का पानी मिलेगा। योजना के तहत नरकेली में प्रोजेक्ट निर्माण होगा। जिसमें पानी को फिल्टर कर स्टोरेज करने 2.0 एमएलडी क्षमता का संयंत्र स्थापित किया जाएगा। वहीं संयंत्र से 24 पंचायतों तक शुद्ध जल आपूर्ति करने 63930 मीटर छोटी-बड़ी पाइपलाइन बिछाई जाएगी और गांवों में पानी की टंकियों का निर्माण होगा।
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एमसीबी जिले का सबसे बड़ा जलाशय

झुमका जलाशय मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एससीबी) का सबसे बड़ा जलस्रोत है। जो 350 हेक्टेयर में फैला हुआ है। जलाशय निर्माण के बाद एसईसीएल बैकुंठपुर, चरचा में पानी का उपयोग करते थे। लेकिन एसईसीएल चरचा कॉलरी का गंदा पानी जलाशय में मिलने से दूषित हो चुका है। जिसके बाद एसईसीएल में झुमका की बजाय गेज जलाशय से पीने व निस्तारी पानी आपूर्ति होती है।
इतने गांव को मिलेगा पानी

समूह जलप्रदाय योजना से कुल 24 ग्राम पंचायतों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जिसमें ग्राम पंचायत मझगवां, मंडलपारा, नरकेली, मोदीपारा, देवरी, मेको, सलका, सलबा, सारा, गदबदी, जलियाडांड शामिल हैं। इसके अलावा बस्ती, परचा, पतरापाली, सरईगहना, बडग़ांव, नरसिंहपुर, करिलधोवा, कोट, बकिरा, जामपानी, कंचनपुर, जामपारा, केरापारा को शामिल किया गया है।
विरोधाभासी बयान

नरकेली समूह जलप्रदाय योजना से कुल 24 पंचायतों को पेयजल आपूर्ति होगी। योजना में करीब 21 करोड़ खर्च होगी। फ्लोटिंग पैंटून से पानी लेने की योजना है। नहर व इंटेकवेल से पानी नहीं लिया जाएगा। जलाशय का पानी साफ हो गया है। पानी का ट्रीटमेंट करने के बाद पेयजल के रूप में उपयोग किया जाएगा। -सी.बी, सिंह, ईई, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कोरिया
झुमका जलाशय का पानी प्रदूषित है। जलाशय में किसी प्रकार की दवाई डालकर शुद्ध नहीं कर सकते हैं। प्राकृतिक रूप से बारिश का पानी कई बार ओवर फ्लो होने से साफ होने की गुंजाइश है। चरचा कॉलरी, कॉलोनी का गंदा पानी झुमका में मिलने से नहीं रुकेगा, तब तक साफ होना मुश्किल है। -ए टोप्पो, ईई जल संसाधन विभाग कोरिया

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