
बैकुंठपुर. CG health: कोरिया में शिशु संरक्षण माह के तहत 23 अगस्त तक 6 महीने से 5 साल तक के 24 हजार 432 बच्चों को टीका लगाने मेडिकल स्टाफ (CG health) नदी-नाले को तैरकर गांव पहुंच रहे हैं। इस अवधि में प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को टीकाकरण और खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। इसी बीच एक महिला स्वास्थ्य कर्मी की नदी पार करते तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल (Viral photo) हो रही है। महिला के इस हौसले की सभी सराहना कर रहे हैं।
दरअसल टीकारण अभियान (CG health) के बीच ग्राम पंचायत मुगुम से एक महिला स्वास्थ्य कर्मी रत्ना सिंह की जो तस्वीर आई है, वह उप स्वास्थ्य केंद्र बारी में कार्यरत है। वह मुगुम के आश्रित ग्राम कांसाबहरा में बच्चों को टीका लगाने के लिए स्थानीय नाले को पार कर रही हैं।
महिला स्वास्थ्य कर्मी के एक हाथ में डंडा है, जिससे नाले में पानी की गहराई नापते हुए वह आगे बढ़ रही है। दूसरे हाथ में सैंडल और कंधे में वैक्सीन बॉक्स लटका हुआ है, जबकि पानी कमर तक भरा है। टीकाकरण टीम में आरएचओ उदयान सिंह भी शामिल हैं।
टीकाकरण स्टाफ कहते है कि ग्राम कांसाबहरा में नेटवर्क नहीं होने के कारण ‘यू विन मी’ लॉगिन नहीं कर पाते हैं। इसलिए बारी उप स्वास्थ्य केंद्र से लॉगिन करते हैं, फिर कांसाबहरा से लौटने के बाद उप स्वास्थ्य केंद्र में एंट्री करते हैं।
पहुंचविहीन गांव होने के कारण ढंग का रास्ता भी नहीं है। कच्चा और पथरीली पगडंडी रास्ते से होकर गांव पहुंचे थे। जहां बच्चों को टीका लगाने के बाद पांच ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए हैं।
गौरतलब है कि कोरिया में 19 जुलाई से शिशु संरक्षण माह प्रारंभ हुआ है। जो 23 अगस्त तक चलेगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग को शिशु संरक्षण माह बहुत ही जिम्मेदारी पूर्वक करने, आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित रुप से बच्चों को पोषण आहार, गरम भोजन देने निर्देश दिए हैं।
प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को आंगनबाड़ी केन्द्र अथवा स्वास्थ्य केन्द्रों पर शिशुओं को निर्धारित सेवाएं दी जाएगी। इस अभियान में बच्चों कों होने वाले आंख से संबंधित रोग मोतियाबिन्द, रतौंधी, बिटॉट स्पॉट एवं खून की कमी को दूर करना है। साथ ही शिशु स्वास्थ्य संवर्धन से संबंधित कार्यक्रम एवं गतिविधियां विटामिन ए सिरप, 9 माह से 5 वर्ष के बच्चों को 6 माह के अंतराल में पिलाया जाना है।
साथ ही आयरन फोलिक एसिड सिरप भी देना है। बच्चों में पोषण के स्तर की जांच के लिए वजन लेकर पोषण आहार के विषय में पालक को जानकारी और अति गंभीर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर पोषण पुनर्वास केंद्रों भर्ती करना है। गर्भवती माताओं की जांच कर स्तनपान एवं पोषण आहार के विषय पर चर्चा करनी है।
Published on:
24 Jul 2024 08:22 pm
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