
सड़क हादसा फाइल फोटो
Huge Road Accident: छत्तीसगढ़ में लगातार तेज रफ्तार सड़क हादसों का कारण बनती जा रही है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं या गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। इसी कड़ी में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले से एक और भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जनकपुर से चनवारीडाड़-खड़गवां जा रही एक बस बीती रात दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में बस में सवार 13 ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल नागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं।
बताया जा रहा है कि बस में सवार ग्रामीण 10 फरवरी को होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और बस चालक से पूछताछ की जा रही है।
मैनपाट के सपनादर इलाके में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। इस दुर्घटना में कार में सवार 8 लोग घायल हो गए। सभी घायल फलदान कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे।
जानकारी के अनुसार, मैनपाट के सपनादर से कार में सवार होकर 8 लोग दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ा दमाली आए थे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सभी घर वापस जा रहे थे। इसी दौरान सपनादर के पास कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। दुर्घटना में वाहन के परखच्चे उड़ गए और सभी लोग घायल हो गए। सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में मनिजर यादव (25), रामभजन (18), तुलेश्वर (27), पप्पू (18), जितेंद्र (28), प्रेम नाथ (30), करण यादव (19) और अनिल यादव (25) शामिल हैं।
यह घटना कमेश्वरपुर थाना क्षेत्र के सपनादर की है। घायलों को सबसे पहले इलाज के लिए दरिमा स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन यहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। स्वास्थ्य केंद्र में केवल दो नर्सें थीं, जिन्होंने डॉक्टर के अभाव में भर्ती लेने से इनकार कर दिया।
Updated on:
10 Feb 2026 10:05 am
Published on:
10 Feb 2026 10:05 am
