2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आबकारी निरीक्षक के सिर चढ़ा घूस का नशा, पांच महीने में दो बार दर्ज हुआ घूसखोरी का मुकदमा

शराब की दुकानों का फर्जी डिकॉय ऑपरेशन कर लाइसेंस निरस्त करने के नाम पर मांगता था मौटी घूस,गिरी गाज

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Suraksha Rajora

Dec 24, 2019

कोटा. शराब की दुकानों से अवैध वसूली मामले में आबकारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह के खिलाफ एसीबी ने मुकदमा दर्ज किया है। सात महिने पहले एसीबी ने शिकायत के आधार पर आकस्मिक चेकिंग की थी। जिसमें वीरेन्द्र के पास 55 हजार 900 रुपए बरामद किए थे। इस बारे में कोई जवाब नही मिलने पर एसीबी ने मामले की फाइल मुख्यालय भिजवाई थी। चैकिंग की कार्रवाई मई महीने में हुई थी जिसके बाद वीरेन्द्र का तबादला झालावाड़ हो गया। इस दौरान वीरेंद्र सिंह को रिश्वत लेते हुए एसीबी ने ट्रेप कर लिया था।

एसीबी एएसपी ठाकुर चंद्रशील ने बताया कि 25 मई 2019 को सूचना मिली थी कि आबकारी सर्किल रामगंजमंडी के निरीक्षक वीरेंद्र सिंह शराब ठेकों से अवैध वसूली कर रहे हैं। सूचना के आधार पर एसीबी टीम ने इटावा टोल नाके पर उन्हें गाड़ी समेत धर दबोचा। जब उनकी गाड़ी की तलाशी ली गई तो 55 हजार 900 रुपए की रकम बरामद हुई। यह पैसा कहां से आया और किसका है आदि जानकारी मांगी गई तो वह इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके।

अवैध वसूली का हुआ खुलासा

एसीबी ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि आबकारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह अपने एक दलाल को शराब की दुकानों पर भेज कर वहां ओवर रेट बेची जा रही शराब का वीडियो और ऑडियो तैयार करवाता था। शराब ठेकेदारों के खिलाफ सबूत इक_ा होने के बाद उन्हें लाइसेंस र² करने की धमकी देता और बाद में मामले को रफा दफा करने के बदले पैसा वसूलता था। इतना ही नहीं दूसरे ठेकेदार के इलाके में अवैध शराब बिकवाने के बदले भी वसूली करने के एसीबी को सबूत मिले थे।

दूसरी बार में दबोचा
इटावा टोल पर घूस की रकम के साथ दबोचे जाने के बाद भी आबकारी निरीक्षक के सिर से घूसखोरी का नशा नहीं उतरा। इसी दौरान उसका झालावाड़ तबादला हो गया तो जहां उसने शराब कारोबारियों को लाइसेंसी दुकान के अतरिक्त इलाके में ब्रांच खोलने, ओवर रेट शराब बिकवाने और अवैध बिक्री कराने के लिए हफ्ता (मंथली) वसूलना शुरू कर दिया। कुछ शराब कारोबारियों ने उसकी अवैध वसूली का विरोध किया तो उनके चालान काट भारी भरकम जुर्माना ठोक दिया।

जिस पर पीडि़त कारोबारियों ने नवंबर माह में एसीबी कोटा से मामले की शिकायत की। एएसपी एसीबी चंद्रशील ने प्रकरण का सत्यापन करा 21 नवंबर को शराब ठेकेदारों से 50 हजार रुपए की अवैध वसूली करते हुए वीरेंद्र सिंह को रंगे हाथ धर दबोचा।

अब दर्ज हुआ मुकदमा

एएसपी ठाकुर चंद्रशील ने बताया कि किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ एक ही साल में दो बार रिश्वत लेने के मामले में कार्रवाई करने का यह पहला मामला है। रंगे हाथ घूस लेते हुए पकड़े जाने के मामले में एसीबी पहले ही मुकदमा दर्ज कर चुकी है। जबकि 25 मई को गाड़ी से बरामद की गई अवैध वसूली की रकम के मामले में कार्रवाई करने के लिए फाइल मुख्यालय भेजी गई थी। जिसमें अब मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

Story Loader