
59 साल बाद चल रहे हैं उल्टी चाल, वक्री हो जाएंगे शनि ,तेज गर्मी और आंधी तूफान की आशंका
कोटा . 1961 के बाद यानी लगभग 59 सालों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब मकर राशि में गुरु और शनि की युति बनी है। न्याय के देवता शनि ग्रह 11 मई को मार्गी से वक्री होने जा रहे हैं। यानी इस दिन से शनि की उल्टी चाल शुरू हो जाएगी। शनि अपने पिता सूर्य के नक्षत्र उत्तराशाढा के चौथे चरण और अपनी ही राशि मकर में वक्री होंगे।
मिथुन ओर तुला राशि पर शनि का ढैय्या चल रहा है, जबकि व धनु,मकर ओर कुंभ राशि पर साढ़ेसाती लगी हुई है। मकर राशि में गुरु नीच का रहता है। जो 14 मई से गुरु वक्री होगा। 29 जून से वक्री रहकर ही धनु राशि में फिर से जाएगा। धनु में वक्री रहेगा।
142 दिन शनि रहेंगे वक्री
ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया की 11 मई को शनि सुबह 9.40 बज्र वक्री अवस्था में आकर अपनी चाल चलेंगे। शनि की ये वक्री चाल 142 दिनों तक चलेगी जहां फिर से 29 सितंबर को शनि मार्गी हो जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब शनि वक्री होते हैं तो विशेष रूप से कष्टदायी रहने की संभावनाएं सबसे ज्यादा होती है।
शनि की वक्र अवस्था 142 दिन समुद्री चक्रवात, तेजगर्मी, आगजनी ,आंधी- तूफान, वायुवेग, भूकंप , सुनामी सहित अनेकों प्रकार के प्राकृतिक आपदा की भी संभावना दिख रही है। देश की राजनीति पर भी असर पड़ेगा। ओर ऐसे में आतंकी गतिविधियों, बढ़ सकती है। व्यापारी वर्ग को राहत मिलेगी।
सभी 12 राशियों पर असर
मेष पुरानी समस्याएं खत्म हो सकती है,करोबार में लाभ होगा।
वृष फिजूल खर्च पर लगाम होगी,
नौकरी में प्रमोशन समभव है
मिथुन वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा। प्रॉपर्टी में लाभ के योग है
कर्क शत्रु पराजित होंगे। कोर्ट केस में सफलता मिलेगी।
सिहं संतान सुख ,विदेश यात्रा योग,नॉकरी में प्रमोशन समभव है।
कन्या परिवार से मनमुटाव में सुधार होगा। नौकरी ,व्यापार में लाभ के प्रबल योग है
तुला पराक्रम में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी वाद- विवाद सुलझ सकते है।
वृश्चिक रुका धन मिलेगा, वाहन चलाते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
धनु आलस दूर होगा, स्वास्थय भी बेहतर हो जाएगा।
मकर खर्च बढेगा,परिवार में स्वास्थय पर भी ध्यान देना चाहिए।
कुभ नॉकरी,व्यापर में चार गुना लाभ,विदेश यात्रा के योग बनेंगे।
मीन उच्च अधिकारी से लाभान्वित ,मान- सम्मान में भी वृद्धि।
राशि अनुसार करें ये उपाय
मेष हनुमान जी की आराधना करें।
वृषभ खोपरे के गोले में शक्कर का बुरा भरकर पीपल में दबाएं।
मिथुन पीपल पर मीठा जल चढाए।
कर्क नित्य सुन्दरकाण्ड का पाठ करे।
सिंह अमावस्या को मजदूरो को भोजन करवाएं।
कन्या शनि मंत्र का नित्य जाप करे
तुला असहाय व मजदूरों की मदद करें।
वृश्विक नित्य सुंदरकांड का पाठ करें।
धनु गुरुवार व शनिवार पीपल की सेवा करें।
मकर तेल में छाया दान करे,
कुंभ रुद्राभिषेक करें।
मीन तिल, तेल ,लोहा दान करे
Published on:
10 May 2020 07:10 pm
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