
Art Camp : कला में निरंतरता व समर्पण जरूरी
कोटा. राजस्थान ललित कला अकादमी की ओर से कला दीर्घा में आयोजित तीन दिवसीय हाड़ौती चित्रकारी शिविर का समापन हो गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि विधायक भरत सिंह थे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों में निरंतरता रहनी चाहिए।
उन्होंने कलाकारों में समर्पण भाव को महत्वपूर्ण बताया। पहले कलाकार संसाधनों के अभाव के बावजूद समर्पण भाव नजर आता था। उन्होंने कहा कि कोटा रिवर फ्रंट बनने के चंबल के किनारे चंबल फेस्टिवल जैसे आयोजनों का सुझाव दिया और कहा कि इस मामले में कलाकार अपनी ओर से प्रयास करें।
इस फेस्टिवल का पार्ट सिर्फ चित्रकारी नहीं होकर, इसमें सभी कलाओं का समावेश हो।समापन से पहले तीन दिनों में 15 कलाकारों ने कैनवास पर अपनी कल्पनाओं के रंग बिखेरे। उन्होंने हाड़ौती की कला, विरासत व जीवन को कैनवास पर उतारा। इनमें धर्म व आध्यात्म व लोक संस्कृति भी नजर आई।
चित्रों में दिखाया हुनर,उकेरी धरोहर
अंकित बनवाडि़या ने चंबल को मां का रूप देकर इसके महत्व को समझाया व इसके संरक्षण कर दरकार बताई। अचल अरविंद ने कोटा की विरासत घंटाघर को कैनवास पर आकार देकर,आमजन को इसका महत्व बताया, साथ ही घंटाघर बाजार में ग्रामीण खरीदारी करते लोगों का चित्रांकन कर दर्शकों का मन मोह लिया।छबाड़ा बारां से आए दीपक सोनी ने मूर्ति शिल्प व हाड़ौती की स्थापत्य कला को तस्वीर में उतारा।
Art Camp : कोटा के ही मनोज नामा ने नवाचार के साथ कोटा बूंदी चित्र शैली में नारी रूप को दिखाते हुए छतरियां, हाथी, घोड़े बारात भी प्रदर्शित की।शिविर के संयोजक डॉ राकेश सिंह के अनुसार चित्रकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग को अकादमी में संजोया जाएगा। इनकी प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
किया सम्मान
तीन दिवसीय शिविर के समापन पर ललित कला अकादमी की ओर से नेचर प्रोमोटर एएच जैदी व वरिष्ठ चित्रकार लुकमान का कलाके क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए सम्मान किया गया। उन्हें शॉल औढ़ाकर श्रीफल भेंट किया गया। प्रदर्शनी अधिकारी विनय शर्मा व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
Published on:
24 Feb 2022 10:39 pm
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