कोटा. एसीबी कोटा की टीम ने बुधवार को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते कार्यालय विद्युत निरीक्षणालय जयपुर में गिरफ्तार किए सहायक प्रशासनिक अधिकारी तरुण गुर्जर को एसीबी कोर्ट जयपुर में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया।
एसीबी कोटा के पुलिस निरीक्षक अजीत बगडोलिया ने बताया कि टीम ने आरोपी तरुण गुर्जर के मकान की भी तलाश ली थी, लेकिन वहां ज्यादा कुछ नहीं मिला।
यह है मामला
परिवादी ने उसकी फर्म के लाइसेंस की कार्य अवधि पूर्ण होने पर नवीनीकरण के लिए कार्यालय विद्युत निरीक्षणालय जयपुर में जुलाई 2021 में आवेदन किया था। इसके सम्बंध में कार्यालय विद्युत निरीक्षणालय नन्दपुरी जयपुर के सहायक प्रशासनिक अधिकारी तरुण गुर्जर से मिला। तरुण ने लाइसेंस की अवधि बढ़ाने के लिए इसकी फीस 48 हजार रुपए बताई। जबकि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 4 हजार 500 रुपए की चालान राशि लगती है। आरोपी तरुण गुर्जर ने परिवादी से पूर्व में 10 हजार रुपए लिए थे। परिवादी ने इसकी शिकायत 1 सितम्बर 2022 को एसीबी कार्यालय कोटा में की। इस शिकायत का गोपनीय सत्यापन 6 सितम्बर 2022 को करवाया गया। गोपनीय सत्यापन के दौरान आरोपी तरुण गुर्जर से परिवादी की वार्ता हुईए जिसमें आरोपी ने तीस हजार रुपए की मांग कीए लेकिन परिवादी ने 25 हजार रुपए देने के लिए कहा तो अन्त में 27 हजार रुपए लेने पर सहमति बनी। सत्यापन होने के बाद एसीबी कोटा के पुलिस निरीक्षक नरेश चौहानए पुलिस निरीक्षक अजीत बगडोलिया मय टीम ने बुधवार दोपहर को ट्रेप की कार्रवाई की। आरोपी तरुण गुर्जर ने कार्यालय के अपने कक्ष में परिवादी से 20 हजार रुपए रिश्वत राशि लेकर टेबल के नीचे फाइल के बस्ते में रख दी। उक्त राशि एसीबी ने बरामद कर ली। टीम ने आरोपी खातेड़ी मोहल्लाए शाहपुराए दिल्ली रोड जयपुर हाल जयपुर के शास्त्री नगर इन्द्रा वर्मा कॉलोनी निवासी आरोपी तरुण गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया।