
बंशीलाल की पत्नी ने भरी हुंकार, कहा-पुलिस समझौता कराने पर तुली, मर जाऊंगी पर हार नहीं मानूंगी, हत्यारों को जेल पहुंचाऊंगी
बूंदी. बंशीलाल की पत्नी संजू सैनी की पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर पीड़ा बताते आंखें भर आई। वह कहती है, आरोपियों ने इस कदर परेशान किया कि मेरे पति ने सुसाइड कर लिया। वे कई बार घर पर धमकाने आए थे। जिसकी गवाह 'मैंÓ हूं। फिर पुलिस को किस बात का सबूत चाहिए। यह बात जांच कर रहे अधिकारियों को भी हर बार बता चुके हैं। मजदूरी करके दोनों बच्चों को पाल रही हूं, मुझे जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, हिम्मत नहीं हारेंगे। संजू ने कहा पुलिस चाहे कितनी भी बार बुलाए हम समझौते के लिए नहीं झुकेंगे।
बंशीलाल माली सुसाइड केस फाइल की बूंदी पुलिस ने अब फिर नए सिरे से जांच शुरू की है। गत बुधवार को बंशीलाल के परिवारजनों को बूंदी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बुलाया गया और जांच अधिकारी की मौजूदगी में पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने उनकी बात सुनी। हालांकि यह नौवीं बार है जब बंशीलाल के परिजन अपनी बात रखने बूंदी आए हैं। वे बीते एक वर्ष से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
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पुलिस ने 31 मई 2018 को तालेड़ा थाने में बंशीलाल के पिता की रिपोर्ट और सुसाइड नोट के आधार पर कोटा सरस डेयरी अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल, सुपरवाइजर प्रभुलाल गोचर और लेसरदा निवासी आरपी गोपाल गुर्जर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। उक्त प्रकरण की तीन अधिकारी पूर्व में जांच कर चुके हैं। अब बूंदी के एससी-एसटी सेल के डिप्टी ओमेन्द्र सिंह चौथे अधिकारी हैं जो इसकी जांच करेंगे।
हमारे बयान दर्ज नहीं करती पुलिस
बंशीलाल के बुजुर्ग पिता राधेश्याम सैनी ने कहा कि पुलिस हमारे कहे बयान दर्ज नहीं करती। पुलिस की इस मनमानी के कारण ही उन्हें न्याय नहीं मिल रहा।डेयरी के कमिशन के 40 हजार रुपए बकाया था जिसे भी कोटा सरस डेयरी ने नहीं चुकाया। इस राशि को एक वर्ष हो गया। आरोपियों को पकड़ा नहीं जा रहा। जबकि तालेड़ा थाने में नामजद मुकदमा दर्ज है। बूंदी पुलिस राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई नहीं कर रही।
दबाव में रही पुलिस
माली समाज के लोगों का आरोप है कि बूंदी पुलिस सरकार के दबाव में रही है। पूर्व में किसी अधिकारी ने यह नहीं कहा कि कार्रवाई नहीं की जाएगी या फिर प्रकरण झूठा है बावजूद नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। पुलिस इस मामले की अब तक केशवरायपाटन डिप्टी, बूंदी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एससी-एसटी सेल के डिप्टी से जांच करा चुकी है। अब फिर से इसकी जांच कराई जा रही है। पुलिस के इस रवैये से माली समाज में आक्रोश है। वे 17 मई को केबिनेट मंत्री शांतिकुमार धारीवाल से मिलेंगे। इसके बाद बैठक में आगे की रणनीति तय करेंगे।
बंशीलाल के परिवारजनों को बुलाया था। पहले की जांच से घरवाले असंतुष्ट हैं। उसे जानने के लिए बुलाया था। जांच अधिकारी के समक्ष उनसे बातचीत की गई है। एससी-एसटी सेल डिप्टी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। पूरे मामले की जांच के लिए जांच अधिकारी को निर्देश दे दिए हैं कि वही बयान दर्ज करें जो पीडि़त कहें। पूरे मामले की जांच कराकर जल्द प्रकरण का निष्कर्ष निकाल लिया जाएगा।
ममता गुप्ता, पुलिस अधीक्षक, बूंदी
यह था मामला
नयाबरधा गांव निवासी डेयरी संचालक बंशीलाल माली ने 19 मई 2018 को अज्ञात जहरीला पदार्थ खा लिया था। उसका तीन दिन तक कोटा के एमबीएस अस्पताल में उपचार के दौरान 21 मई की दोपहर को मौत हो गई। इस मामले में पिता राधेश्याम सैनी ने 22 मई 2018 को तालेड़ा आकर थाने में रिपोर्ट और बंशीलाल का लिखा सुसाइड नोट सौंपा। तालेड़ा पुलिस ने जांच के बाद 31 मई को रिपोर्ट के आधार पर कोटा सरस डेयरी अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल, सुपरवाइजर प्रभुलाल गोचर, लेसरदा निवासी आरपी गोपाल गुर्जर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। बंशीलाल की पाटन तिराहे पर दुग्ध डेयरी थी। इसकी बीएमसी छीनने के लिए आरोपी दबाव बना रहे थे।
Published on:
17 May 2019 09:00 am

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