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सरकारी ब्लड बैंक में रक्त का टोटा, नेगेटिव ग्रुप का ब्लड का नहीं स्टॉक

दिवाली के बाद कोरोना का संक्रमण बढ़ गया है। इससे लोगों का घरों से बाहर निकलना कम हो गया है। शहर में रक्तदान शिविर लगना भी बंद हो गए है। इससे एमबीएस अस्पताल के सरकारी ब्लड बैंक में रक्त की कमी आ गई है।      

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कोटा

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Abhishek Gupta

Nov 29, 2020

सरकारी ब्लड बैंक में रक्त का टोटा,  नेगेटिव ग्रुप का ब्लड का नहीं स्टॉक

सरकारी ब्लड बैंक में रक्त का टोटा, नेगेटिव ग्रुप का ब्लड का नहीं स्टॉक

कोटा. दिवाली के बाद कोरोना का संक्रमण बढ़ गया है। इससे लोगों का घरों से बाहर निकलना कम हो गया है। शहर में रक्तदान शिविर लगना भी बंद हो गए है। इससे एमबीएस अस्पताल के सरकारी ब्लड बैंक में रक्त की कमी आ गई है। यहां 357 यूनिट रक्त ही स्टोरेज है। जबकि वर्तमान में यहां प्रतिदिन 60-70 यूनिट ब्लड की खपत हो रही है, यानी ब्लड बैंक में केवल 5 दिन का रक्त संग्रहण बचा है। जबकि कोटा ब्लड बैंक की 5 हजार यूनिट रक्त संग्रहित की क्षमता है।

ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एचजी मीणा ने बताया कि पूरे साल में 160- 170 रक्तदान शिविर लगते है, लेकिन कोरोना संक्रमण से शिविर लगना कम हो गए। ऐसे में ब्लड बैंक में रक्त की कमी आ गई है। नेगेटिव गु्रप का स्टॉक नहीं बचा है।

इनको मरीज को पड़ती है जरूरत

ब्लड बैंक में 750 मरीज थैलीसीमिया के रजिस्टर है। वही, हीमोफ ीलिया के करीब 50 मरीज है। इन्हें बार-बार रक्त की जरूरत पड़ती है। वही, जेके लोन अस्पताल की गर्भवती महिलाएं, कैंसर, सड़क दुर्घटना, डायलिसिस मरीज को ब्लड की जरूरत पड़ती है। ऐसे में इन रोगियों को ब्लड उपलब्ध कराना चुनौती बना हुआ है।

सामाजिक संस्थाओं का लेंगे सहयोग

एमबीएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. नवीन सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में ब्लड बैंक में रक्त की कमी है। सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लेने के लिए हाडौती विकास मोर्चा के संभागीय अध्यक्ष राजेन्द्र सांखला ने भी उनसे चर्चा की है। 3 दिसम्बर को आईएमए हॉल में सामाजिक संस्थाओं की बैठक बुलाई गई है। गांवों में कैम्प लगवाने की योजना बनाई गई है। डोनर से अपील कि दो-दो, पांच-पांच की संख्या में ब्लड बैंक आकर रक्तदान करें।

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