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कम्प्यूटर का ज्ञान देने को नहीं मिल रहे ‘गुरुजीÓ

सरकारी स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा बदहाल : कहीं धूल खा रहे कम्प्यूटर तो कहीं गणित के अध्यापक दे रहे प्रशिक्षण....

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कोटा

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Anil Sharma

Aug 29, 2019

sultanpur, kota

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मे कम्प्यूटर शिक्षा ग्रहण करते विद्यार्थी।

सुल्तानपुर. क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा भगवान भरोसे है। क्षेत्र में कई स्कूल एेसे हैं जहां कम्प्यूटर लेब तो है लेकिन विद्यार्थियों को कम्प्यूटर शिक्षा देने के लिए दक्ष शिक्षक नहींं हैं। कहीं स्कूल प्रशासन की तरफ से मौजूदा शिक्षकों को ही प्रशिक्षण दिलवाकर कभी-कभार कम्प्यूटर की कक्षाएं लगा दी जाती हैं। इस मामले में पत्रिका ने तहकीकात की तो पता चला कि कई विद्यार्थियों ने स्कूलों में अब तक कम्ंप्यूटर ही नहीं देखे। क ई जगह क म्प्यूटर धूल खा रहे हैं।
कस्बे के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में कुल २० कम्प्यूटर हैं। लाखों रुपए खर्च कर यहां लैब भी बनाई गई, लेकिन कम्प्यूटर शिक्षक नहींं होने से गणित के वरिष्ठ अध्यापक नकुल कुमार को लैब प्रभारी बनाया हुआ है। यहां माह में एक या दो बार ही छात्राओं को कम्प्यूटर सिखाया जाता है। बीस में से ६ कम्प्यूटर ही चालू स्थिति में हैं। प्रधानाचार्या शोभा वर्मा ने बताया कि कम्प्यूटर शिक्षक नहींं होने से परेशानी होती है। विषय पढ़ाई छोड़कर बच्चों को यथासंभव कम्प्यूटर शिक्षा दी जाती है। बीएसएनएल का नेटवर्क गड़बड़ रहने के कारण निजी कंपनी के डोंगल से ऑनलाइन कार्य किए जाते हैं।

सप्ताह में तीन दिन शिक्षा
कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कुल १० कम्प्यूटर हैं। यहां एनजीओ के माध्यम से सप्ताह में ३ दिन कम्प्यूटर शिक्षा दी जाती है। कक्षा ९ व ११ वीं के छात्र-छात्राओं को एनजीओ के कर्मचारी कम्प्यूटर सिखाते हैं। प्राचार्य सुरेन्द्र सिंह हाड़ा ने बताया कि विद्यालय में बार-बार बिजली गुल होने से कम्प्यूटर शिक्षा में परेशानी आती है।

खाली कालांश में पढ़ाई
नौताड़ा मालियान के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यानय में एक कक्ष में बनी कम्प्यूटर लैब में २० कम्प्यूटर हैं। कक्षाकक्ष की छत काफी जर्जर है। यहां किसी अध्यापक के खाली कालांश में कम्प्यूटर शिक्षा दी जाती है। प्राचार्य उषा पंवार ने बताया कि कम्प्यूटर शिक्षक के अभाव में यहां भी गणित व आईसीटी प्रभारी कम्प्यूटर शिक्षा देते हैं।

यहां भी कुछ ऐसा ही हाल
जालिमपुरा, दीगोद, मोरपा समेत अन्य विद्यालयों में भी कम्प्यूटर शिक्षा भगवान भरोसे है। इन स्कूलों में बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा नहीं मिल रही। कस्बे के सेवानिवृत अध्यापक हरगोविन्द पांचाल व रमेशचंद पंचौली ने बताया कि एक तरफ सरकार स्कूलों में गुणवत्ता और रोजगानुमखी शिक्षा पर जोर दे रही है लेकिन आज भी कम्प्यूटर ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में लाखों रुपए खर्च कर लगाए गए कम्प्यूटर यहां धूल फांक रहे हैं।

सभी को किया हुआ है निर्देशित
क्षेत्र के सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन कम्प्यूटर शिक्षक के पद स्वीकृत नहीं हैं। संस्था प्रधानों को निर्देशित किया हुआ है कि बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा आवश्यक रूप से मुहैया करवाएं। इसके लिए विद्यालयों में कुछ अध्यापकों को भी प्रशिक्षण दिया है। यदि कहीं ऐसा नहीं है तो आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
डा. अनिरूद्ध शर्मा ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी,सुल्तानपुर