
Chambal River Front : मैं पूर्व सीएम अशोक गहलोत और धारीवाल हूं.....
कोटा. अशोक गहलोत सरकार के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सरकारी खजाने से लाखों रुपए खर्च कर अपनी ही मूर्तियां बनवा डालीं। अब इसे हेरिटेज चंबल रिवर फ्रंट के संग्रहालय में रखवा दिया है। वह तो राज्य में सरकार बदल गई, नहीं तो इन मूर्तियों को चंबल रिवर फ्रंट पर सजाने की योजना थी।
आर्किटेक्ट अनूप भरतरिया की देखरेख में चंबल रिवर फ्रंट का काम 1445 करोड़ रुपए की लागत से करवाया गया। इस दौरान निर्माण के साथ उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, यूआईटी के पूर्व विशेषाधिकारी और सेवानिवृत्त अधिकारी आरडी मीणा के साथ खुद अपनी मूर्तियां भी बनवा लीं। मोम, फाइबर और अन्य मेटेरियल से निर्मित इन मूर्तियों को चंबल रिवर फ्रंट के संग्रहालय में सजाकर रखना था, लेकिन सरकार बदल गई। ऐसे में यह मूर्तियां लग नहीं पाईं।
विवादों से रहा नाता
चम्बल रिवर फ्रन्ट हमेशा ही विवादों में रहा है। यहां दुनिया की सबसे बड़ी घंटी बनाई गई है। इसका सांचा खोलने के दौरान इंजीनियर देवेन्द्र आर्य व उनके सहायक की मौत हो गई थी। भाजपा नेता रिवर फ्रन्ट में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार को लगातार घेरते रहे। विधानसभा चुनाव से पहले कोटा में हुई सभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी रिवर फ्रन्ट के घोटालों का जिक्र करते हुए जांच के लिए एसआईटी गठित करने की घोषणा की थी। विधायक संदीप शर्मा ने भी जांच की मांग उठाई थी।
एनजीटी ने थमाया था नोटिस
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में एक दायर याचिका की थी, इसमें कहा था कि घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां की जा रही हैं, जो वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन होने से अवैध है। निर्माण एजेन्सी ने पर्यावरण मंत्रालय से इसके निर्माण की स्वीकृति भी नहीं ली है। इसके बाद एनजीटी ने सरकार, जिला कलक्टर और यूआईटी सचिव को नोटिस दिया था।
इस तरह बनाईं मूर्तियां
नगर विकास न्यास के अधिशासी अभियंता अंकित अग्रवाल की देखरेख में लाखों रुपए कीा इन तीन मूर्तियों के सेट बनाए गए। इसमें एक सेट में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व यूडीएच मंत्री दो कुर्सियां पर बैठकर वार्तालाप करते नजर आ रहे है। दूसरे सेट में पूर्व यूडीएच मंत्री धारीवाल को रिवर फ्रंट के चीफ आर्किटेक्ट अनूप भरतरिया एक टेबल पर नक्शा फैला कर डिजाइन समझाते नजर आ रहे है, तो तीसरे सेट में पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पूर्व यूडीएच मंत्री धारीवाल, आर्किटेक्ट अनूप भरतरिया और सेवानिवृत्त अधिकारी व यूआईटी के ओएसडी रहे आरडी मीणा एक साथ खड़े नजर आ रहे हैं और भरतरिया उन्हें रिवर फ्रंट के बारे में बताते नजर आ रहे हैं।
मूर्तियां अभी संग्रहालय में रखी
नगर विकास न्यास सचिव मानसिंह का कहना है कि
मूर्तियों का निर्माण पहले हो चुका था। इस बारे में पता करवाते हैं। मूर्तियां फिलहाल संग्रहालय में रखी गई हैं। इस मामले में राज्य सरकार के आदेश के अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
17 Jan 2024 01:57 pm
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