22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूडीएच मंत्री के शहर का हाल: करोड़ों की मशीनरी खरीदकर जंग लगने छोड़ दी

सात माह पहले करीब 1 करोड़ 85 लाख 70 हजार की लागत से सीवरेज की सफाई के लिए सुपर सकर मशीन क्रय की गई, लेकिन इसका उपयोग शुरू नहीं हो पाया। इसी तरह टै्रक्टर भी आए तब से खड़े हुए हैं। दशहरा मैदान में कई वाहन ऐसे खड़े हुए हैं, जिनका उपयोग ही शुरू नहीं हुआ है।

2 min read
Google source verification
6973a49b-cd1f-46c8-93b4-13c3c242a764.jpg

कोटा. राज्य के यूडीएच मंत्री के कोटा शहर में बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए दो नगर निगमों का गठन किया गया था, लेकिन हालात नहीं सुधरे। अधिकारी निगम की सालों से चल रही व्यवस्था को बदलने के लिए तैयार नहीं हैं। दोनों निगमों में संसाधनों की मशक्कत चल रही है, वहीं जो संसाधन उपलब्ध हैं, उनका उपयोग नहीं किया जा रहा। सात माह पहले करीब 1 करोड़ 85 लाख 70 हजार की लागत से सीवरेज की सफाई के लिए सुपर सकर मशीन क्रय की गई, लेकिन इसका उपयोग शुरू नहीं हो पाया। निगम इसके संचालन की व्यवस्था तक नहीं कर पाए। इस तरह टै्रक्टर भी जब आए तब से खड़े हुए हैं। दशहरा मैदान में कई वाहन एेसे खडे़ हुए हैं, जिनका उपयोग ही शुरू नहीं हुआ है। गत 7 दिसम्बर 2020 को स्वायत्त शासन विभाग की ओर से आयोजित वर्चुअल समारोह में कोटा की सफाई व्यवस्था के लिए 160 वाहनों व उपकरणों का लोकार्पण किया गया था, लेकिन इनमें से कई वाहन अभी भी दशहरा मैदान में धूल खा रहे हैं। इन वाहनों की खरीद नगर निगम के बोर्ड गठित होने से पहले की प्रक्रिया प्रशासक ने करा ली थी। एेसे में उम्मीद थी कि नए बोर्ड को संसाधनों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। ये वाहन स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत १८ करोड़ की लागत से क्रय किए गए थे। इसके बाद भी पिछले महीनों में नए वाहन आए हैं।

मंत्री की नसीहत भूले अधिकारी

मंत्री शांति धारीवाल शहर के लोगों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास कर रहे हैं। खुद विकास कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उनके प्रसासों से शहर की सूरत बदलती दिख रही है। मंत्री ने वाहनों का लोकार्पण करते समय दोनों महापौर और आयुक्तों को नसीहत देते हुए कहा था कि अभी अच्छा काम कर रहे हैं, यह जोश पूरे पांच साल रहना चाहिए। यदि इसमें कमी आई और शहर स्वच्छ नहीं बना तो जनता माफ नहीं करेगी। धन और संसाधनों की कमी नहीं आने देंगे, लेकिन सफाई बेहतर होनी चाहिए। इसके बाद भी सफाई व्यवस्था में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। जो वाहन क्रय किए गए उनमें बहुत से सात माह बाद भी धूल खा रहे हैं।
--

-----
निगम के पास उपलब्ध नए उपकरण

५ सीवर लाइन क्लीनिंग जेटिंग कम सक्शन मशीन २२२ लाख
४ जेसीबी ८३ लाख

४ स्किड स्टीयर लोडर जेसीबी ६६ लाख
११ डम्फर २८ लाख

१० ट्रैक्टर ४६ लाख
१० सीवर ऑटो जेटिंग मशीन ७९ लाख
६ फोगिंग मशीन ६४ लाख
९ ऑटो टिपर विथ बिन लिफ्टर ६८ लाख
२ डम्फर प्लेटसर ३५ लाख
२ डम्फर प्लेसर ४३ लाख
२ ऑटो टिपर ४३६ लाख
२ ऑटो टिपर ९०० लाख
५ ट्रैक्टर ट्रेलर माउंटेड सीवर सक्शन मशीन २२.३४ लाख
१ सीवरेज की सफाई के लिए सुपर सकर मशीन १85.७०१३१ टिपर १०९०.७७ लाख


सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए क्रय किए गए मशीन और वाहनों का उपयोग क्यों नहीं हो रहा, इस बारे में अधिकारियों से बात करके जल्द हल निकाला जाएगा। पहले यह पता लगाया जाएगा कि आखिर वाहन और उपकरणों का उपयोग क्यों नहीं हो रहा है।
-मंजू मेहरा, महापौर, कोटा उत्तर


सुपर सकर मशीन को चलाने के लिए अभी ऑपरेटर उपलब्ध नहीं हैं। अधिकारी इसके संचालन की प्रक्रिया के लिए टेंडर प्रक्रिया कर रहे हैं। यह मशीन बोर्ड के बनने पहले क्रय कर ली थी।

- ाजीव अग्रवाल, महापौर, कोटा दक्षिण निगम