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कोटा अस्पताल के मृत बच्चों के क्रंदन ने कांग्रेस हाईकमान की नींद उड़ाई, पायलट को भेजा डेमेज कंट्रोल में,107पहुंचा बच्चों की मौत का आंकड़ा

kota infant death कोटा में बच्चों की मौत को लेकर राज्य सरकार की आलोचना के बीच राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट जेके अस्पताल का दौरा करने पहुंचे

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कोटा

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Suraksha Rajora

Jan 04, 2020

कोटा अस्पताल के मृत बच्चों के क्रंदन ने कांग्रेस हाईकमान की नींद उड़ाई, पायलट को भेजा डेमेज कंट्रोल में,107पहुंचा बच्चों की मौत का आंकड़ा

कोटा अस्पताल के मृत बच्चों के क्रंदन ने कांग्रेस हाईकमान की नींद उड़ाई, पायलट को भेजा डेमेज कंट्रोल में,107पहुंचा बच्चों की मौत का आंकड़ा

कोटा. जेके अस्पताल में बच्चों के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोटा अस्पताल में मरने वाले बच्चों का आंकड़ा बढ़कर 107 पहुंच गया है। ज्यादा बच्चों की मौत को लेकर राज्य सरकार की आलोचना के बीच राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट शनिवार जेके अस्पताल का दौरा करने के लिए कोटा पहुंचे।

कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें दौरा करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला कोटा में उन परिजनों के घर पहुंचकर जिनके बच्चों को अस्पताल में मौत हुई परिजनों का ढांढस बंधाया ।

उप मुख्यमंत्री पहुंचे कोटा

सबसे पहले सचिन पायलट पीड़ित परिजनों के घर पर पहुंचे , विज्ञान नगर छत्रपुरा पर पहुंचे , पायलट ने कहा है बच्चों के इलाज में जिस भी अधिकारी की लापरवाही उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ,छत्र पूरा में मृतक बालक की मां ने कहा 'हर कोई राजनीति की बातें हो रही है।

सचिन पायलट के साथ मंत्री रमेश मीणा और उदयलाल आंजना भी हैं पीड़ित परिवार से मिलने के बाद जेके लोन अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सा व्यवस्था के बारे में चिकित्सकों के साथ जानकारी ली इस बीच ाअव्यवस्था का आलम नजर आया बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओ की भीड़ से अराजकता का माहौल बन गया धक्का मुक्की की स्थिति देखने को मिली ।

कोटा में जे के लोन अस्पताल में बच्चों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है । बच्चों की मौत के साथ ही आंकड़ा 107 पहुंच चुका है । वहीं इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है।

एनएचआरसी ने इस मामले में मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर खुद संज्ञान लेते हुए राजस्थान सरकार को नोटिस भेजा है और चार हफ्ते में जवाब मांगा है । NHRC ने इस मामले में राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर कहा है कि वो सुनिश्चित करें कि बच्चों की मौत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की वजह से न हो।

असल में, कोटा के सरकारी अस्पताल जे के लोन अस्पताल में दिसंबर में हुई बच्चों की मौत का आंकड़ा सामने आने के बाद बवाल मच गया। मौतों के बावजूद अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं की भारी कमी है।

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