
सातलखेड़ी में बीच सड़क ऊपरी हिस्से में उलझे बिजली के तारों को बांस से ऊंचा कर ट्रक निकालने का जतन करता खल्लासी।
सातलखेड़ी. कस्बे में डीएमएफडी राशि से निर्मित होने वाली सीमेंट सड़क के निर्माण से लंबे समय से खरंजेयुक्त सड़क पर हिचकोले खाकर सफर तय करने की परेशानी से निजात तो मिल गई। अब सड़क की ऊंचाई बढऩे के बाद विद्युत निगम के तारों को ऊंचा नहीं करने से कृषि जिंसों से भरकर जाने वाले वाहनों के टकराने से हादसा की आशंका बनी रहती है।
रामगंजमंडी-सुकेत सड़क मार्ग पर दिन-रात हजारों वाहन गुजरते है। ं मस्जिद चौराहे से मंशापूर्ण हनुमान मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण के तहत सीसी रोड का निर्माण पूरा हुआ तो सड़क ऊंची हो गई। इसी मार्ग पर कुछ जगह सड़क किनारे घरेलू बिजली आपूर्ति के तार बंधे हुए है। सड़क की ऊंचाई बढऩे से झूलते तार नीचे हो गए। जिसके कारण जिंस लेकर गुजरते वाहनों की ऊपरी सतह कई बार तारों को छू जाती है। जिससे हादसा होने का भय सताता रहता है।
शुक्रवार सुबह रामगंजमंडी कृषि उपज मंडी से जिंस लेकर गुजरते लोडिंग वाहन की ऊपरी सतह झूलते तारों से टकरा गई। उस समय बिजली आपूर्ति चालू होने से आपस में टकराए तारों से निकली चिंगारियां देख आसपास की दुकानों पर बैठे लोग चिल्ला उठे। आवाज सुन चालक ने तुरंत वाहन रोक दिया। जिससे तार टूटने तथा कृषि जिंस आग पकडऩे से बच गया। साथ ही गंभीर हादसा भी टल गया। बाद में साथ चल रहे अन्य ट्रक के चालक व खल्लासी की सूझबूझ व सहयोग से चालू आपूर्ति में जोखिम उठाते हुए बांस की सहायता से तारों को ऊंचा कर धीरे-धीरे वाहन को वहां से निकाला। लोगों का कहना है कि सीसी रोड निर्माण के बाद सड़क की ऊंचाई बढऩे से यहां झूलते बिजली के तार अक्सर माल लेकर निकलते ट्रकों के ऊपरी भाग से टकरा जाते है। जिससे दुर्घटना होने का अंदेशा रहता है। विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मार्ग से कई मर्तबा गुजरते हैं, लेकिन झूलते तारों को ऊंचा नहीं करवा रहे।
Published on:
22 Nov 2020 05:45 pm
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