
जिला उपभोक्ता मंच ने गुरुवार को ओरियंटल इंश्योरेंस कम्पनी के प्रबंधकों को आदेश दिए कि वह उपभोक्ता को बीमा क्लेम की राशि 9.25 लाख रुपए निर्णय की तिथि से एक माह में अदा करें।
वल्लभ नगर निवासी यतीन्द्र कुमार अग्रवाल ने ओरियंटल इंश्योरेंस कम्पनी के मुम्बई, दिल्ली व झालावाड़ रोड स्थित कार्यालय के प्रबंधकों के खिलाफ 5 मार्च 2008 को परिवाद पेश किया था। इसमें कहा था कि उन्हें दिसम्बर 2006 में सिंगापुर जाना था।
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इस कारण उन्होंने 11 दिसम्बर 2006 को 28 दिन की अवधि के लिए बीमा कम्पनी के मुम्बई स्थित कार्यालय से ओवरसीज मेडिक्लेम पॉलिसी ली थी। कम्पनी ने 1 अप्रेल 2006 से 31 मार्च 2007 तक के लिए पॉलिसी की थी। इसके बाद वे 11 दिसम्बर को सिंगापुर के लिए रवाना हुए। वहां 28 दिसम्बर को उनके सीने में दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने कार्डियोलोजिस्ट को रैफर कर दिया।
उन्हें कई दिन तक अस्पताल में भर्ती रहकर इलाज करवाना पड़ा। कैशलेस पॉलिसी होने के बावजूद उन्हें इसकी सुविधा का लाभ नहीं दिया गया। इस कारण उन्हें इलाज पर खर्च हुए 9 लाख 25 हजार 652 रुपए का भुगतान अस्पताल को करना पड़ा। भारत आने पर उन्होंने कम्पनी में बीमा क्लेम पेश किया तो कम्पनी ने क्लेम देने से इनकार कर खारिज कर दिया।
इधर, सभी पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता मंच ने बीमा कम्पनी को आदेश दिए कि वे परिवादी को बीमा क्लेम की राशि 33660 डालर या भारतीय मुद्रा 9 लाख 25 हजार 652 रुपए निर्णय की तिथि से एक माह में अदा करे। साथ ही, 10 हजार रुपए मानसिक संताप व 10 हजार रुपए परिवाद व्यय भी अदा करने होंगे।
Published on:
18 May 2017 09:43 pm
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