हाड़ौती सम्भाग में बारिश व ओलावृ्ष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। सम्भाग में बारिश व ओलों ने कहर बरपाया है। खेतों में खड़ी गेहूं, धनिया, सरसों की फसल आड़ी पड़ गई। कोटा जिले में सांगोद, बूंदी जिले में मानपुर (नैनवां) व झालावाड़ जिले में खानपुर, सारोला, सुनेल क्षेत्र में छोटे आकार के ओले गिरे।
हाड़ौती सम्भाग में बारिश व ओलावृ्ष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। सम्भाग में बारिश व ओलों ने कहर बरपाया है। खेतों में खड़ी गेहूं, धनिया, सरसों की फसल आड़ी पड़ गई। कोटा जिले में सांगोद, बूंदी जिले में मानपुर (नैनवां) व झालावाड़ जिले में खानपुर, सारोला, सुनेल क्षेत्र में छोटे आकार के ओले गिरे। कृषि विभाग के प्रारम्भिक सर्वे के अनुसार बारिश व ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा खराबा झालावाड़ जिले में करीब 26 हजार हैक्टेयर में हुआ है। कोटा जिले में करीब 12 हजार हैक्टेयर में फसल खराब हुआ है।
सबसे ज्यादा नुकसान सरसों में
कृषि विभाग के अनुसार, सम्भाग में सबसे ज्यादा खराब सरसों की फसल में हुआ है। प्रारम्भिक आंकड़ों के अनुसार सरसों 29746, गेहूं 27432, धनिया 8637 व चना 5417 हैक्टेयर में नुकसान हुआ है।
खरीफ फसल खराबे का अभी तक नहीं मिला मुआवजा
किसानों का कहना है कि पिछले 4-5 साल से अतिवृष्टि से फसल खराबा हो रहा है। किसान फसल बीमा भी करवा रहे हैं। खराबे के बाद सर्वे व गिरदावरी भी हो जाती है, लेकिन सरकार मुआवजा नहीं देती। किसानों का कहना है कि रबी सीजन में हुए फसल खराबे का बीमा कम्पनियों ने अभी तक मुआवजा नहीं दिया। वहीं आपदा राहत कोष से कोई भी राशि सरकार की ओर से नहीं दी गई। 2019 की घोषित आपदा राहत कोष की राशि भी अब तक बकाया है।
केस नं. 1
कोटा जिले के कैथून क्षेत्र के ढीकोली निवासी महावीर सुमन ने बताया कि धनिये में 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हो गया है। पिछले नुकसान का अभी तक भुगतान नहीं मिला। रबी सीजन में 8 बीघा सोयाबीन पानी भरने से गल गया था।
केस नं. -2
कोटा जिले में कनवास तहसील के बाछीहेड़ा निवासी किशन गोपाल ने बताया कि सोमवार को हुई ओलावृष्टि से पूरे गांव में ही धनिया की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। ओलों से खेतों में धनिया के ढण्ठल रह गए और बचा खुचा धनिया आड़ा पड़ गया।