
रणथम्भौर का ‘सुल्तान’ बाघ टी-2408 मुकुंदरा हिल्स में शिफ्ट, पत्रिका फोटो
Tiger T-2408 shifted to Mukundra Hills: सवाईमाधोपुर/ कोटा। वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबर है। रणथम्भौर के बाघ टी-2408 को मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया है। अब बाघ टी-2408 का नया ठिकाना मुकुन्दरा होगा। वन अधिकारियों की मौजूदगी में बाघ को मुकुन्दरा की दरा रेंज के 21 हेक्टेयर के एनक्लोजर में छोड़ा गया। बाघ की आयु करीब 3 वर्ष 9 माह है। इस बाघ की बाघिन कनकटी के साथ जोड़ी बनाई जाएगी।
मुकुन्दरा में बाघों की शिफ्टिंग की शुरुआत 3 अप्रैल 2018 को हुई, जब रणथम्भौर के रामगढ़ विषधारी अभयारण्य पहुंचे बाघ टी-91 उर्फ मिर्जा को ट्रेंकुलाइज कर मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व शिफ्ट किया गया। इसके बाद मुकुन्दरा में एक बार फिर बाघों की दहाड़ सुनाई देने लगी। इसके करीब एक वर्ष बाद अप्रैल 2019 में रणथम्भौर से बाघिन टी-83 को मुकुन्दरा भेजा गया।
मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में सबसे पहले टी-91, इसके बाद टी-83, फिर स्वयं पहुंचे टी-98, उसके बाद टी-106, 3 नवंबर 2020 को बाघ टी-110, फलौदी रेंज से बाघिन टी-2301, इसके अलावा बाघिन टी-102 के शावक को अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से मुकुन्दरा भेजा गया। जून 2025 में बाघिन एरोहेड की बेटी अवनि उर्फ कनकटी टी-2507 को मुकुन्दरा भेजा गया था।
रणथम्भौर में वर्तमान में 75 से अधिक बाघ-बाघिन व शावक हैं, जो यहां की क्षमता से अधिक हैं। इससे इलाके (टेरिटरी) को लेकर संघर्ष की आशंका बनी रहती है। वहीं, पूर्व में एनटीए की ओर से मुकुन्दरा में एक बाघ को शिफ्ट करने की अनुमति जारी कर दी गई थी। ऐसे में वन विभाग ने शिफ्टिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बाघ टी-2408 के सफल स्थानांतरण पर मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में हो रहे समन्वित प्रयास आने वाले समय में कोटा-बून्दी क्षेत्र को बाघ संरक्षण का प्रमुख केंद्र बनाएंगे। कोटा-बूंदी में बाघों की संख्या बढ़ने से न सिर्फ इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे। वन संरक्षण, पर्यटन और जनभागीदारी का यह साझा प्रयास हाड़ौती को प्रकृति और विकास के संतुलन का उदाहरण बनाएगा।
Published on:
10 Jan 2026 07:55 am
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