
कोटा . कोटा उत्तर विधायक प्रहलाद गुंजल द्वारा जिला स्तरीय बैठक में रामगंजमंडी विधायक चंद्रकांता मेघवाल को अपशब्दों से अपमानित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दलित समाज सड़कों पर उतर आया और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर उन्हें पार्टी से निलंबित करने की मांग करने लगे। नदी पार क्षेत्र में गुंजल का पुतला फूंका और शव यात्रा निकाल विरोध जताया। दलित समाज का बढ़ता आक्रोश देख गुंजल के समर्थक डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। गत शनिवार को टैगोर हॉल में हुए घटनाक्रम की सोमवार को शहर में दिनभर चर्चा रही।
कोटा उत्तर विधानसभा के नदी पार क्षेत्र के दलित मेघवाल समाज ने विधायक गुंजल के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां समाज के मोहन मेघवाल और बाबूलाल मेघवाल ने कहा, जिस तरीके से विधायक गुंजल ने दलित विधायक चन्द्रकांता मेघवाल को 'दो कौड़ीÓ की कहकर संबोधित किया, उससे दलित समाज में भारी रोष है।
कार्रवाई नहीं हुई तो असंतोष बढ़ेगा। डॉ. सियाराम वर्मा, प्रभुलाल मेघवाल और जीतू केवट ने कहा कि भाजपा सरकार में दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं। एक तरफ तो दलित के घर खाना खाया जाता है और दूसरी तरफ विधायक जैसे सम्मानीय व्यक्ति को दो कौड़ी का कहा जाता है। यह भाजपा की ओछी मानसिकता का परिचायक है। नदी पार मेघवाल समाज युवा जागृति मंच के अध्यक्ष जोधराज फौजी ने कहा कि राजस्थान में महिला मुख्यमंत्री के राज में भाजपा विधायक गुंजल ने मेघवाल समाज की विधायक को अपशब्द कहे, उन्हें तुरंत भाजपा से निष्काषित करना चाहिए, वरना आगामी चुनाव में भाजपा को दलित समाज के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
इस अवसर पर दिनेश खटीक, राहुल माचल, कान्हा डंगोरिया, अभिषेक टाक ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में दलित समाज इस दलित विरोधी सरकार को सबक सिखाएगा। नवल मेघवाल, रामविलास मेघवाल, सुरेश वर्मा, राजा भैया, दिनेश मेघवाल, अनिल खटीक, हरिशंकर मेघवाल, विकास बागड़ी, बृजेश केवट सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।
यहां भी किया प्रदर्शन
दलित एकता मंच के कार्यकर्ताओं ने भी रविवार को प्रदर्शन किया। मंच के संयोजक नरेश मेघवाल के नेतृत्व में पुतला लेकर प्रदर्शन किया गया। मेघवाल ने कहा कि महिला विधायक के दलित होने के कारण विधायक द्वारा लगातार अपमान किया जा रहा है। एक ओर भाजपा महिलाओं के सम्मान एवं दलितों के उत्थान की बात करती है तो दूसरी भाजपा विधायक चन्द्रकान्ता मेघवाल के साथ ऐसा व्यवहार किया गया। राजस्थान सरकार और भाजपा नेतृत्व ऐसे विधायक के खिलाफ कड़ी कार्यवाई नहीं करेगी तो राज्य सरकार के खिलाफ भी दलित समाज उग्र आन्दोलन करेगा।
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प्रदर्शन में बद्री पटेल, संदीप कुमार, प्रिंस वर्मा, विश्वकर्मा, नवीन कुमार, प्रेमचन्द, छोटूलाल हनोतिया, राजेश मेघवाल, रामगोपाल मेघवाल, ओमजी मेघवाल, राजू पहाडिय़ा, संतोष मेघवाल, महिला अध्यक्ष मेघवाल समाज, आनन्द स्वरूप वर्मा, रूप बाई, बसन्ती बाई, कमला बाई, इन्द्रा बाई, शान्तीबाई, गंगा बाई, भवानी शंकर मेघवाल, हेमन्त मेघवाल, बाबूलाल मेघवाल, गुड्डी बाई, राजेन्द्र खंगार, धनराज वर्मा सहित कई जने मौजूद रहे।
Published on:
14 May 2018 02:21 pm

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