
Dharma-karma : 2 हजार कचौरियों का भोग लगाया, 5 हजार दीपों से आरती
Dharma-karma: कोटा. भैरव अष्टमी बुधवार को हर्षोल्लास से मनाई गई। शहर के वि भिन्न क्षेत्रों में िस्थत भैरव मंदिरों में विशेष आयोजन हुए। अ भिषेक, श्रृंगार व पूजन कर हलुआ, अन्य मिष्ठानों तथा भैरव बाबा को कोटा की प्रसिद्ध कचौरियों का भोग लगाया। कहीं 2 हजार कचौरी तो कहीं पांच 5 क्विंटर हलुए का भोग लगाया गया। महाआरती की प्रसाद वितरित किया गया।
ग्यारह पौंड का कैक काटा
कंसुआ क्षेत्र में कर्णेश्वर महादेव मंदिर परिसर िस्थत भैरव मंदिर भक्तों के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर के पुजारी अनिल कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में सुबह अ भिषेक , श्रृंगार व पूजन कर हवन किया गया। श्रद्धालुओं ने खुशहाली व कल्याण की कामना करते हुए आहुतियां दी। मंदिर आहुतियों से महक उठा। भगवान को 501 कचौरियों व पांच क्विं. हलुए का भोग लगाया। इस मौके पर 11 पौंड का कैक काटा व चने का भोग लगाया गया।
5051 दीपों से आरती
केशवपुरा मु क्तिधाम िस्थत भैरव मंदिर में भैरव अष्टमी पर दिन भर श्रदधा की बयार चलती रही।मुख्य पुजारी प्रेमनारायण के सान्निध्य में आयोजन हुए। जय काल भैरव विकास समिति की ओर से भैरव अष्टमी पर हो रहे आयोजनों के तहत बुधवार शाम को 5051 दीपों से महाआरती की गईददेरर तक आरती के सुर गूंजे। इस दौरान जयकारे भी लगते रहे। भैरव बाबा को 2001 कचौरियों व 101 किलो हलुए का भोग लगाया गया। इस मौके पर आकर्षक श्रृंगार के दर्शन करवाए गए। रात को जागरण हुआ। भजन गायकों ने भैरव बाबा की म हिमा का गुणगान किया।
सवा 11 फीट की प्रतिमा का रजत श्रृंगार
शिवपुरी धाम में संत सनातनपुरी के सा न्निध्य में भैरव अष्टमी मनाई। करीब सवा 11 फीट की प्रतिमा का आकर्षक श्रृंगार कर झांकी सजाई। बड़ी संख्या में लोगों ने आकर्षक झांकी के दर्शन किए। 101 बातियों से आरती की। हलुआ, चने इत्यादि का भोग लगाया व श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। संत सनातनपुरी में भैरव अष्टमी का महत्व बताया।
जगत माता मंदिर में काल भैरव अष्टमी पर पुजारी जगत कुमार के सान्निध्य में काल भैरव का किया गया अभिषेक, और विशेष श्रृंगार कर छप्पन भोग की झांकी सजाई। भगवान को 501 कचौरी तथा सेव का भोग लगाया। शाम को आरती कर प्रसाद वितरित किया गया।
Published on:
16 Nov 2022 11:34 pm

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