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प्रदेश में दो स्थानों पर खुलेगा ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर

किसान अब ड्रोन से फसलों में कीटनाशक का छिडक़ाव करवा रहे है। स्टार्टअप की सफलता के बाद दोनों युवा मिलकर देश के हर जिले में ड्रोन पायलट ट्रेनिं]ग सेंटर खोलने की तैयारी में है, ताकि किसानों व ग्रामीण युवाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा सके।

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हाड़ौती के दो युवाओं ने मिलकर कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए कृषि ड्रोन स्टार्टअप शुरू किया है, जो अब किसानों के लिए खेती में मददगार साबित हो रहा है। किसान अब ड्रोन से फसलों में कीटनाशक का छिडक़ाव करवा रहे है। स्टार्टअप की सफलता के बाद दोनों युवा मिलकर देश के हर जिले में ड्रोन पायलट ट्रेनिं]ग सेंटर खोलने की तैयारी में है, ताकि किसानों व ग्रामीण युवाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा सके।

झालावाड़ व जोधपुर में होगे ट्रेनिंग सेंटर
झालावाड़ निवासी विनय कुमार यादव ने बताया कि ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर के लिए जोधपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय मण्डोर से एमओयू हुआ है। इसके तहत झालावाड़ जिले के पिड़ावा व जोधपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय में ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे। चुनाव आचार संहिता के चलते सेंटर खोलने के कार्य में देरी हुई है। पिड़ावा में ट्रेनिंग सेंटर का काम करीब-करीब पूरा हो चुका है। फरवरी 2024 में ट्रेनिंग सेंटर शुरू हो जाएगा।

ड्रोन उड़ाने व मरम्मत का देंगे प्रशिक्षण
यादव ने बताया कि 1 बैच में 20 किसानों को 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें किसानों को ड्रोन उड़ाने से लेकर कौनसी फसल में कौनसा नौजल लगाना पड़ेगा और ड्रोन के खराब होने पर उसे कैसे ठीक किया जाए यह प्रशिक्षण में सिखाया जाएगा।

कृषि विभाग देगा अनुदान
उन्होंने बताया कि एक माह में 60 किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण में करीब 70 हजार रुपए प्रति किसान खर्चा आएगा। इसमें से राज्य सरकार की ओर से कृषि विभाग 50 प्रतिशत तक या 35 हजार रुपए किसानों को अनुदान मिलेगा।