21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

strike: देशभर के दवा प्रतिनिधि हड़ताल पर रहे

16 सूत्रीय मांगों को लेकर दवा एवं सेल्स प्रतिनिधियों के अखिल भारतीय संगठन फेडरेशन ऑफ मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेन्टेटिवज एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के आह्वान पर देश के 2 लाख से अधिक दवा एवं सेल्स प्रतिनिधि बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे। कोटा में 800 से अधिक दवा एवं सेल्स प्रतिनिधि हड़ताल पर रहे।

less than 1 minute read
Google source verification

कोटा

image

Abhishek Gupta

Jan 19, 2022

strike: देशभर के दवा प्रतिनिधि हड़ताल पर रहे

strike: देशभर के दवा प्रतिनिधि हड़ताल पर रहे

कोटा. 16 सूत्रीय मांगों को लेकर दवा एवं सेल्स प्रतिनिधियों के अखिल भारतीय संगठन फेडरेशन ऑफ मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेन्टेटिवज एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के आह्वान पर देश के 2 लाख से अधिक दवा एवं सेल्स प्रतिनिधि बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे। कोटा में 800 से अधिक दवा एवं सेल्स प्रतिनिधि हड़ताल पर रहे। कोरोना गाइड के अनुसार 50 सदस्यों ने नयापुरा मारूति कोलोनी स्थित यूनियन कार्यालय से कलक्ट्री तक दवा एवं सेल्स प्रतिनिधियों ने सांकेतिक वाहन रैली निकाली और केंद्रीय व राज्य श्रम मंत्री के नाम जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा को ज्ञापन दिया गया।
गालव ने बताया कि केन्द्र व सरकार से हमारी अलग- लग मांगे है। वर्तमान केन्द्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों की वैधता समाप्त कर 4 श्रम कोड़ बनाए हैं जो पूर्ण रूप से पूंजीपतियों का एक पक्षीय हित साधते नजर आते हैं। केन्द्र से चारों लेबर कोड को खत्म कर पुराने सेल्स प्रमोशन एक्ट 1976 को बहाल करने, दवा प्रतिनिधि के लिए वैधानिक कार्य प्रणाली निर्धारित करने, दवा व चिकित्सकीय उपकरणों के दाम कम करते हुए उस पर जीरो जीएसटी करने, जीडीपी का कम से कम 5 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने तथा राज्य से दवा प्रतिनिधि को उनके कार्य स्थल तक बिना रोक टोक पहुंच सुनिश्चित की जाए, दवा व सेल्स प्रतिनिधि के लिए अति कुशल श्रेणी में न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए निर्धारित की जाए। नियोक्ताओं से सेल्स प्रमोशन एम्प्लोज एक्ट 1976 की पूर्ण रूप से पालना करते हुए प्रत्येक कंपनी में शिकायत निवारण कमेटी का गठन किया जाए, सेल्स के नाम पर प्रतिनिधि का उत्पीडऩ, वेतन कटौती व बर्खास्तगी बंद करने व पेट्रोलियम उत्पादों के दामो में बढ़ोतरी को देखते हुए दैनिक भत्ता तथा यात्रा भत्ता में वृद्धि की जाए।