
दशहरा मेला के विजयश्री रंगमंच पर बुधवार को आयोजित हुए कव्वाली प्रोग्राम में कव्वालों ने शहरवासियों को कौमी एकता का संदेश दिया। कव्वालों द्वारा पेश किए कौमी एकता के कलामों पर श्रोताओं ने जमकर दाद दी।
रात करीब दस बजे शुरू हुई कव्वाली रात दो बजे तक चली। मुंबई के कव्वाल अनवर जानी व बनारस की कव्वाल सीमा सबा ने खुदा की शान में कसीदे पढ़े।
शुरुआत अनवार जानी ने नजर मेरे पीर की... मेरे ख्वाजा का चेहरा नजर आ गया, बंदों पर रहम करना अल्लाह का काम है.... कव्वाली पढ़कर की।
कौमी एकता के कलाम पढ़ते हुए उन्होंने मंदिर में पुजारी, मस्जिद में नमाजी रहते हैं, किसी जालिम के आगे सर झुके नहीं, यह गीता और कुरान कहती है... सुनाकर दाद पाई। वहीं सीमा ने सुख तुझे देता है जो हर ज्ञान वही है, अल्लाह वही है तेरा भगवान वही है... कव्वाली की प्रस्तुति दी।
लाल हरे रंग में हमें बांटो मत, हमारी छत के नीचे तिरंगा रहने दो.. कलाम पेश कर कौमी एकता का संदेश दिया। देर रात तक चले कव्वाली प्रोग्राम में दोनों कव्वालों ने सूफियाना, शायराना कलाम पेश किए।
इस कार्यक्रम में अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष मजीद कमांडो, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव डॉ. जफर मोहम्मद, समाजसेवी मोहम्मद मियां, ए.जी मिर्जा और किसान महापंचायत के संभागीय प्रभारी डॉ. एलएन शर्मा अतिथि रहे। उनका पार्षद नरेंद्र हाड़ा ने स्वागत किया।
Published on:
20 Oct 2016 11:02 am

बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
