13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंटर्नशिप अभ्यर्थियों ने संभाली ‘पढ़ाई की कमान…

निर्वाचन विभाग ने आगामी दिनों में स्कूलों से शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगा दी है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Suraksha Rajora

Dec 01, 2018

Duty set election of teachers affecting children's educationBEd STC

इंटर्नशिप अभ्यर्थियों ने संभाली 'पढ़ाई की कमान...

कोटा. सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई की समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बीएड व एसटीसी इंटर्नशिप अभ्यर्थियों को लगाया है। पढ़ाई की कमान अब बीएड व एसटीसी इंटर्नशिप अभ्यर्थियों ने संभाल ली है। बच्चों को स्कूलों में नए शिक्षक मिल गए है। इसके चलते अब बच्चों की पढ़ाई में शिक्षकों की कमी बाधा नहीं बनेगी। अद्र्धवार्षिक परीक्षा में उनको कोर्स पूरा हो सकेगा।

Read More: डेंगू के डंक से एक ही दिन में एक दर्जन पहुंचे अस्पताल...


निर्वाचन विभाग ने आगामी दिनों में स्कूलों से शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगा दी है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालात यह है कि कई स्कूलों में बच्चों के कोर्स पूरे तक नहीं हो सके है। उन्हें शिक्षकों की कमी खल रही थी। शिक्षा विभाग ने इसी को ध्यान में रखते हुए बीएड व एसटीसी अभ्यर्थियों को उनके प्रशिक्षण के साथ ही बच्चों की पढ़ाई में भी मदद मिल सकेगी। साथ ही अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण का कार्य पूरा हो सकेगा।

सात हजार शिक्षकों की लगाई चुनाव में ड्यूटी

कोटा जिले में प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा से जुड़े 742 स्कूलों के सात हजार शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई है। निर्वाचन विभाग ने कई स्कूलों के शिक्षकों को बीएलओ बना रखा है। उन्होंने घर-घर जाकर मतदाता सूचियों में नाम जोडऩे व हटाने का कार्य किया। उसके बाद भी सूचियों में गड़बड़ी सामने आने के बाद वापस इन शिक्षकों को सूचियों को सही करने में वक्त लगा है। उसके बाद शिक्षकों की चुनाव प्रशिक्षण कार्य में लगा दिया है। इससे स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई चौपट हो चुकी है।

अद्र्धवार्षिक परीक्षा सिर पर

जिला समान परीक्षा ने अद्र्धवार्षिक परीक्षा का टाइम टेबल भी जारी कर दिया है। कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक की परीक्षा 12 दिसम्बर से प्रस्तावित की गई है। साथ ही सात दिसम्बर को चुनाव की तिथि निर्धारित होने के कारण परीक्षा पर संकट के बादल मंडराने लगे थे।