
देश में बढ़ रहा इंजीनियरिंग का क्रेज, स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ी
देश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के प्रति क्रेज बढ़ रहा है। युवा साइंस-मैथ्स सब्जेक्ट में कॅरियर की संभावना देख रहे हैं। मैथ्स लेने वाले सर्वाधिक स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन ले रहे हैं। देश में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या देखें तो यह लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष आईआईटी, एनआईटी व ट्रिपलआईटी में प्रवेश के लिए होने वाली जेईई-एडवांस्ड परीक्षा में 11 वर्षों में सर्वाधिक स्टूडेंट्स शामिल हुए, वहीं जेईई-मेन में चार वर्षों में सर्वाधिक स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी।
सीटों की गणित
23 आईआईटी में 17385
32 एनआईटी में 23954
26 ट्रिपलआईटी में 7746
35 जीएफटीआई में 8067
कुल 57 हजार 152 सीटों के लिए जेईई-मेन व एडवांस्ड परीक्षा करवाई जाती है।
जेईई-एडवांस्ड परीक्षा में शामिल स्टूडेंट
2013 में 1,15,971
2014 में 1,19500
2015 में 1,15000
2016 में 1,47678
2017 में 1,59540
2018 में 1,55158
2019 में 1,61319
2020 में 1,50838
2021 में 1,41699
2022 में 1,55538
2023 में 1,80372
वर्ष 2023 में सर्वाधिक 189744 स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हुए।
जेईई-मेन परीक्षा में पंजीकृत एवं शामिल स्टूडेंट्स की संख्या
2020 में 10230002021 में 939008
2022 में 9055902023 में 1113325
वर्ष 2023 में सर्वाधिक 11 लाख 62 हजार 398 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया।
देश में इंजीनियरिंग शिक्षा
देश में आईआईटी-एनआईटी, प्राइवेट व सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित लगभग 2500 से अधिक तकनीकी शिक्षा संस्थान हैं। इसमें 200 से अधिक प्राइवेट एवं सरकारी यूनिवर्सिटीज शामिल हैं। इन संस्थानों से हर साल 5 लाख से अधिक स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर रहे हैं। ये इंजीनियर्स इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी, आईटी, सॉफ्टवेयर, रिसर्च एण्ड डवलपमेंट, एजुकेशन, कंसलटेशन, फाइनेंस, डिजाइन, इंडस्ट्री, कोर सेक्टर, डेटा एवं बिजनेस एनालिस्ट, सिविल सर्विसेज, कॉर्पोरेट सेक्टर, पीएसयू, बैंक पीओ आदि क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
रोजगार को लेकर भ्रांतियां
इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार मिलने को लेकर भ्रांति है कि हर वर्ष इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स की संख्या बढ़ती जा रही है और उसके अनुपात में रोजगार नहीं मिल रहे, जबकि वास्तविकता में रोजगार के अवसर बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन ग्रेजुएट युवाओं में रोजगार प्राप्त करने के लिए स्किल्स का अभाव सामने आ रहा है। स्टूडेंट्स को रोजगार के योग्य बनाने के लिए ही कंपनियां अब शिक्षण संस्थानों से सीधा जुड़ाव स्थापित करने लगी है। शिक्षण संस्थानों ने भी अपने पाठ्यक्रमों को राेजगारोन्मुखी बनाना शुरू कर दिया है। आजकल कंपनियां बीटेक के दौरान ही स्टूडेंट्स का चयन करती हैं और अपने पीपीओ (प्री-प्लेसमेंट ऑफर) भी देती है।
आने वाला युग डिजिटल
कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि आना वाला समय तकनीक का है। देश में हर क्षेत्र में तकनीक का उपयोग शुरू हो चुका है। इसे देखते हुए तकनीकी शिक्षा की मांग भी बढ़ रही है। यही कारण है कि युवा इंजीनियरिंग एजुकेशन में आगे आ रहे हैं। इस क्षेत्र में आने वाले समय में रोजगार मिलने की ज्यादा संभावनाएं हैं। वहीं रोजगार के अनुसार ही देश के बड़े इंजीनियरिंग संस्थान अपने पाठ्यक्रमों में बदलाव ला रहे हैं। आने वाले समय की चुनौतियों को समझते हुए पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए इंजीनियरिंग संस्थान इण्डस्ट्रीज से जुड़ते जा रहे हैं।
Published on:
26 Aug 2023 07:07 pm

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