
कोटा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत जो अपात्र लोग खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे है, उन्हें स्वेच्छा से अपना नाम कटवाने के लिए 31 जनवरी तक का अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद दंडात्मक कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित किया गया है।
जिला रसद अधिकारी डॉ राहुल मीणा ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चयनित पात्र परिवारों को गेहूं का वितरण किया जाता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत गिव अप अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत परिवार में कोई सदस्य आयकर दाता हो, कोई सदस्य सरकारी, अर्द्धसरकारी सेवा में हो, परिवार में एक लाख से अधिक आय हो, परिवार में चौपहिया वाहन हो।
ऐसे लोगों को खाद्य सुरक्षा के लिए अपात्र मानते हुए बाहर किया जाएगा। मीणा ने बताया कि अपात्र लोग राशन की दुकान पर स्व घोषणा प्रार्थना पत्र भरकर जमा करवा सकते है। 31 जनवरी के बाद अपात्र लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में हजारों लोगों ने स्वेच्छा से अपना नाम हटवाने के लिए आवेदन किया है। झुंझुनूं में अब तक 1460 लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवाया है। इसी तरह टोंक जिले में 454 लोगों ने स्वेच्छा से अपना नाम हटवाया है। डीडवाना-कुमां जिला रसद अधिकारी ने बताया कि 'गिव अप कैंपेन' के तहत जिले में अब तक 2600 लोगों के आवेदन प्राप्त हुए हैं।
Updated on:
02 Jan 2025 07:35 pm
Published on:
02 Jan 2025 07:33 pm

बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
