कोटा.(हेमंत शर्मा) प्रदेश के टाइगर रिजर्व जल्द ही उत्तराखंड के बाघों से आबाद होने वाले हैं। अब तक प्रदेश के ही टाइगर रिजर्व में बाघों को इधर से उधर शिफ्ट किया जाता रहा है। पहली बार बाघ नस्ल सुधार के लिए इंटर स्टेट बाघ कोरिडोर बनाकर दूसरे राज्यों से बाघों को टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण स्तर पर गाइड लाइन तैयार की जा रही है। इस बारे में उच्च स्तरीय मंथन शुरू हो चुका है।
सूत्रों ने बताया कि हाल ही दूसरों राज्यों से बाघों को प्रदेश के टाइगर रिजर्व में लाने के संबंध में उच्च स्तर पर अधिकारियों ने चर्चा की है और प्रदेश की ओर से प्रस्ताव रखा गया है।
चार बाघ आएंगे
पिछले दिनों प्रदेश के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक व उत्तराखंड के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के बीच उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें उत्तराखंड से चार बाघों को राजस्थान में ट्रांसलोकेट करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की गाइड लाइन के अनुसार बाघों को ट्रांसलोकेट किया जाएगा। मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के अलावा रामगढ़ व अन्य टाइगर रिजर्व में उत्तराखंड से बाघों को छोड़ने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व से भी बाघों को लाने की योजना पर विचार चल रहा है।
रणथंभौर के बाघों से आबाद है टाइगर रिजर्व
अभी प्रदेश के टाइगर रिजर्व रणथंभौर के बाघों से ही आबाद हैं। दूसरे स्थानों से बाघ-बाघिनों को लाकर यहां के बाघ-बाघिनों के साथ जोडियां बनाई जाती हैं तो बाघों की नस्ल में सुधार हो सकता है। मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में अभी एक बाघ व एक बाघिन है। अप्रेल 2018 से टाइगर रिजर्व में अब तक शिफ्ट किए 5 बाघ-बाघिन रणथंभौर से ही लाए गए हैं। महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश से भी बाघों के आदान-प्रदान की चर्चा चल रही है।
फैक्ट फाइल
54 टाइगर रिजर्व हैं देशभर में
3167 बाघों से आबाद है देश के जंगल
04 टाइगर रिजर्व प्रदेश में हैं फिलहाल
100 से अधिक बाघों की दहाड़ से गूंज रहे प्रदेश के टाइगर रिजर्व
कहां कितने टाइगर-प्रमुख राज्य- (वर्ष- 2023 में जारी आंकड़ों के अनुसार)
राजस्थान 100 से अधिक बाघ
मध्य प्रदेश 785
उत्तराखंड 560
महाराष्ट्र 444
अभी एकमात्र जोड़ी
मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में अभी एक बाघ व एक बाघिन है। एनटीसीए की ओर से दो मादा व एक नर बाघ को लाने की स्वीकृति पूर्व में मिल चुकी है। पगमार्क फांउडेशन के संस्थापक देवव्रत हाड़ा बताते हैं कि टाइगर रिजर्व में बाघों के कुनबे को बढ़ाने की जरूरत है। रामगढ़ में शावकों समेत 5 बाघ हैं।
इनका है कहना
उत्तराखंड, महाराष्ट्र व अन्य राज्यों से बाघों को लाने के संबंध में प्रयास चल रहे हैं। इस संबंध में उच्च स्तरीय वार्ताएं भी हो चुकी हैं। जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। –पीके उपाध्याय, प्रधान वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक