कोटा. पुलिस ने कोटा शहर में नकबजनी व चोरी की वारदातें करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। पुलिने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे दुकानों से चोरी की गई सवा लाख रुपए की महंगी सिगरेट बरामद की है। आरोपियोंं ने शहर मेंं लगभग एक दर्जन से अधिक चोरी व नकबजनी की वारदातें कबूली है। आरोपी नशे व महंगे शौक तथा अय्याशी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। उन्होंने दुकानोंं से लाखोंं रुपए, महंगी सिगरेट, गुटखा, ताबां आदि चुराया है।
कार्यवाहक जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार जैन ने बताया की 16 जनवरी की रात तलवण्डी मैन रोड पर दो दुकानों से महंगी सिगरेट व लाखों रुपए नकदी चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुए जवाहरनगर थानाधिकारी वासुदेव के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने चोरी, नकबजनी एवं लूट के प्रकरणों में चालानशुदा अपराधियों से पूछताछ कर आसूचनायें एकत्रित की। इसके बाद आरोपी मोहम्मद दिलदार उर्फ दिलावर उर्फ गोलू व अशहर उर्फ आशु को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों ने गत दिनों तलवंडी मुख्य रोड पर स्थित हेमन्त गुप्ता की श्रीफलौदी एजेंसीज व उसके चाचा भरत गुप्ता की सुरेश स्टोर्स को निशाना बनाया था। फलौदी एजेन्सीज से डेढ़ लाख रुपए व महंगी सिगरेट के पैकेट, सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर बॉक्स ले गए थे। वहंी सुरेश स्टोर्स से लगभग तीन लाख 70 हजार रुपए व महंगी सिगरेट के पैकेज चोरी कर ले गए थे। इसके अलावा शहर में एक दर्जन करीब चोरी व नकबजनी की वारदातें कबूल की है।
इन वारदातों का खुलासा
पुलिस उप अधीक्षक अमर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने 2021 में छावनी में किराने की दुकान से सिगरेट-गुटका चोरी, जून 2022 में शॉपिंग सेंटर से पान की दुकान से सिगरेट चोरी, रोड नंबर 3 इंद्रप्रस्थ एरिया, विज्ञान नगर फैक्ट्री से 60 किलो तांबा चोरी, अगस्त में गोविंद नगर स्थित किराने की दुकान से सिगरेट व नकदी चोरी व विज्ञान नगर स्थित किराने की दुकान से रुपए चोरी, अक्टूबर में मोटर मार्केट विज्ञान नगर में चोरी, डकनिया से फैक्ट्री से लोहा चोरी, नवंबर में सब्जी मंडी इंदिरा मार्केट से दो किराने की दुकान से महंगी सिगरेट चोरी, दिसंबर में एक ही दिन में शॉपिंग सेंटर में मोटर पाट्र्स की चार दुकान व सेनेटरी की दुकान में चोरी, जनवरी 2023 में खाईरोड, नयापुरा से किराने की दुकान से सिगरेट चोरी, तलवंडी में डॉक्टर के क्लीनिक पर चोर। तलवंडी मेन रोड पर दो दुकानों से महंगी सिगरेट और रुपए चोरी की वारदात कबूली है।
बड़े भाई ने सिखाया चोरी करना
आरोपी दिलदार व अशहर को उनके बड़े भाई अली ने चोरी करना सिखाया। इसके बाद से दोनों नशे व महंगे शौक तथा अय्याशी करने के आदी हो गए। जरुरतों को पूरा करने के लिए चोरी व नकबजनी की वारदात करने लगे। मोहम्मद दिलदार के विरुद्ध 7 तथा अशहर के विरुद्ध 6 आपराधिक प्रकरण पूर्व में दर्ज हैं। आरोपियों ले पूछताछ में कोटा शहर में लगभग एक दर्जन वारदातों करना कबूला है।
चोरी से पहले तीन-चार बार रैकी
आरोपी दिलदार वारदात करने वाले स्थान के आसपास लगातार तीन-चार दिन तक रैकी करता था। किसी को शक न हो, इसलिए रैकी के दौरान अपने भाई, दोस्त या किसी परिचित को साथ ले जाता था। किसी बहाने से दुकानों पर जाकर पूरी जानकारी लेता था। इसके बाद रात को दुकानों के आसपास छिप जाता था। मौका लगने ही दुकानों में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपी घटना स्थल के आसपास से ही ताला तोडऩे, दीवार तोडऩे के लिए जरूरी सामान एकत्रित करता था। चोरी के बाद सीसीटीवी कैमरे व अन्य उपकरण खुर्द बुर्द कर देता था। यहीं नहीं आरोपी कपड़े अच्छे पहनता था, ताकि कोई उस पर शक नहीं हो। अधिकतर दुकानों से नगदी के अलावा महंगी सिगरेट, गुटखा व सामग्री चुराता था।