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कोटा में केमिकल फैक्ट्री में गैस रिसाव, कई स्कूली बच्चे बेहोश; घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी

Gas Leak in Chemical Factory: कोटा जिले के सुल्तानपुर में शनिवार को एक केमिकल फैक्ट्री से गैस रिसाव के चलते स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।

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कोटा

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Nirmal Pareek

Feb 15, 2025

Gas leakage in chemical factory in Kota

Gas Leak in Chemical Factory: कोटा जिले के सुल्तानपुर में शनिवार को एक केमिकल फैक्ट्री से गैस रिसाव के चलते स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक इस घटना में 17 स्कूली छात्राएं और एक बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ गई। 9 छात्राओं व महिला को कोटा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। आठ छात्र-छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी कर दी गई थी।

यह घटना सीएफसीएल (चंबल फर्टिलाइजर) के गड़ेपान प्लांट में हुई, जहां से अमोनिया गैस का रिसाव हुआ। उसी समय गड़ेपान स्कूल में पढ़ाई चल रही थी। गैस रिसाव के कारण बच्चों को घुटन महसूस होने लगी, कुछ की हालत गंभीर हो गई और वे बेहोश होकर गिरने लगे।

घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी

डीएसपी राजेश ढाका ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे कुछ छात्राएं स्कूल परिसर से बाहर पानी भरने गई थीं। लौटने पर उन्हें घुटन महसूस हुई और उन्होंने स्टाफ को इसकी जानकारी दी। इसके बाद करीब 11:30 बजे कई और बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

वहीं, स्कूल प्रिंसिपल रंजना शर्मा ने बताया कि सुबह प्रेयर चल रही थी, तभी फैक्ट्री से गैस रिलीज की गई। इससे कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। हमने फैक्ट्री प्रबंधन से बात की, तो उन्होंने बताया कि यह सामान्य प्रक्रिया है और गैस रिलीज को कम किया गया।

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आला अधिकारी मौके पर पहुंचे

गैस रिसाव की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी, ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर, सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर और बीसीएमओ डॉ. राजेश सामर मौके पर पहुंचे। बीसीएमओ डॉ. राजेश सामर ने बताया कि हमने तुरंत 6 चिकित्सा टीमों का गठन किया है। बताया कि न केवल स्कूल में, बल्कि आसपास के गांवों में भी लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।

वहीं, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, व शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जिला कलक्टर से बातचीत कर मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी प्रशासन से घटनाक्रम की जानकारी ली और प्रभावित बच्चों के उचित उपचार के निर्देश दिए।

लापरवाही मिली तो कठोर कार्रवाई करेंगे

इस घटनो को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि, घटना की सूचना पर जिला शिक्षा अधिकारी को मौके पर भेजा। अभिभावकों से बात कर बच्चों की तबीयत की जानकारी ली गई है। तीन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। वो आगामी तीन दिन तक बच्चों के स्वास्थ्य का अपडेट लेते रहेंगे। जेके लोन अस्पताल में भी दो अध्यापक तैनात किए गए, जो भर्ती बच्चों की सार-संभाल करेंगे। जांच में कंपनी की लापरवाही सामने आई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिम्मेदारों ने क्या कहा?

स्कूली बच्चों के गैस रिसाव के चपेट में आने की सूचना मौके पर पहुंचा। एम्बुलेंस प्रभावित बच्चों को मेडिकल कॉलेज लेकर चली गई थी। वहां से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जेके लोन अस्पताल भर्ती कराया गया। लक्षण गैस रिसाव की चपेट में आने की आशंका हैं।

- डॉ. नरेन्द्र नागर, सीएमएचओ, कोटा

प्रदूषण नियंत्रण मंडल मामले की जांच कर रहा है। सीएफसीएल से भी आंतरिक जांच रिपोर्ट और सेफ्टी ऑडिट मांगी है। रिपोर्ट के बाद ही घटना की वजह स्पष्ट हो पाएगी। उस अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी छात्राएं खतरे से बाहर हैं।

- डॉ.रविन्द्र गोस्वामी, जिला कलक्टर, कोटा

चंबल फर्टिलाइजर्स का कारखाना उच्चतम सुरक्षा और पर्यावरणीय अनुपालन मानकों से संचालित है। आधुनिक उपकरण गैस रिसाव का तुरंत पता लगाते हैं। एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट के रूप में चंबल फर्टिलाइजर्स सभी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की देखभाल में पूर्ण सहयोग कर रहा है। घटना की संबंधित अधिकारियों से जांच करवाई जाएगी।

- विशाल माथुर, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट एचआर एंड एडमिन, चंबल फर्टिलाइजर्स

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