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दो साल बाद गांधीसागर बांध का एक स्लूज गेट खोलकर की जल निकासी

चम्बल के चारों बांधों के गेट खोले

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दो साल बाद गांधीसागर बांध का एक स्लूज गेट खोलकर की जल निकासी

दो साल बाद गांधीसागर बांध का एक स्लूज गेट खोलकर की जल निकासी

कोटा/रावतभाटा. मध्यप्रदेश में अच्छी बरसात होने के कारण चम्बल पर बने सबसे बड़े गांधीसागर बांध में पानी की आवक होने से रविवार देर रात 11.30 बजे एक स्लूज गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई। इससे पूर्व गांधीसागर बांध पर पन बिजलीघर से विद्युत उत्पादन शुरू किया गया। गांधी सागर बांध पर देर रात पानी की आवक बढ़ गई।

तीनों टरबाइन चलाकर विद्युत उत्पादन किया जा रहा और 20 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। गांधी सागर बांध का दो साल बाद गेट खोला गया। 2019 में बांध के 17 गेट खोले गए थे। 2020 में गेट नहीं खुले। उसके बाद 2021 में मानसून की विदाई के बाद मध्यप्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है। गांधीसागर बांध की भराव क्षमता 1312 फीट है। क्षमता से अधिक पानी आने के कारण

अक्टूबर में 1 स्लूज गेट खोला गया। गांधीसागर बांध में 23 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। इससे रावतभाटा स्थित राणा प्रताप सागर बांध का सोमवार सुबह 11 बजे नौ नम्बर गेट खोलकर 21970 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। 250 क्यूसेक पानी का निकास पन बिजलीघर से किया जा रहा, जबकि यहां सुबह 11 बजे 23966 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है।

राणा प्रताप सागर बांध के गेट खोलने के बाद जवाहर सागर बांध का एक गेट खोलकर 12757 तथा पनबिजलीघर से बिजली उत्पादन कर 10911 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इससे कोटा बैराज के शाम 6 बजे तक 4 गेट खोलकर 20957 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

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