
हे भगवान! बेटी रातभर तड़पती रही, पिता कंधे पर उठा दर-दर भटका, सुबह बाप की गोद में दम तोड़ गई मासूम
कोटा/केबलनगर. राजस्थान के कोटा जिले में वो भयानक रात आई कि बेबस पिता मासूम बेटी की जान बचाने के लिए उसे कंधे पर उठा तीन बड़े अस्पतालों की चौखट पर ठोकरे खाता रहा। नन्हीं परी की उखड़ती सांसें थम से रोकने के लिए धरती के भगवान से गुहार लगाता रहा। वो बेबस पिता कभी एमबीएस जाता तो कभी नए अस्पताल यहां भी सहारा नहीं मिला तो जेकेलोन पहुंचा लेकिन वहां भी उसे भर्ती नहीं किया गया। यह दर्दनाक मंजर जब कोटावासियों की आंखों के सामने आया तो रूह कांप उठी। आखिरकार मामला प्राचार्य तक पहुंचा। उनकी दखल के बाद जेके लोन अस्पताल में बालिका को भर्ती किया गया। यहां देर रात कार्यरत चिकित्सक ने पिता सुरेश से दुव्र्यवहार करते हुए बालिका के उपचार के लिए मना कर दिया। पिता बेटी को लेकर रात में ही अपने घर केबलनगर चला गया। बेटी रातभर तड़पती रही और रविवार सुबह पिता की गोद में ही मासूम का दम टूट गया।
यह था मामला
चेचट निवासी सुरेश कोटा शहर के केबलनगर गांव में पत्थर स्टॉक पर परिवार सहित मजदूरी करता है। उसकी 5 साल की बेटी सावित्री को एक माह पहले कुत्ते ने काटा था। उसे दरा गांव में निजी चिकित्सक से इंजेक्शन भी लगवाए गए थे, लेकिन शनिवार को उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन कोटा के नए अस्पताल, एमबीएस अस्पताल व जेके लोन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य की दखल के बाद जेकेलोन अस्पताल में बालिका को भर्ती किया। यहां देर रात चिकित्सक ने दुव्र्यवहार करते हुए बालिका के उपचार के लिए मना कर दिया। ऐसे में पिता बालिका को लेकर रात में ही केबलनगर चला गया। बेटी रातभर तड़पती रही। रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।
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मौत के बाद मचा बवाल
आलनियां सरपंच पति अमरसिंह हाड़ा ने समूचे घटनाक्रम से उपखंड अधिकारी मोहनलाल प्रतिहार, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी को अवगत कराया। मंडाना मंडल के पूर्व अध्यक्ष जगदीश हाड़ा ने रामगंजमंडी विधायक व प्रशासनिक अधिकारियों से बातकर पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा दिलवाने को कहा। दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ग्रामीण मौके पर अड़ गए और शव नहीं उठाया।
बाद में एसडीएम की पहल पर परिजन बालिका को लेकर एमबीएस अस्पताल पहुंचे। पिता का आरोप है कि जैसे ही शव को गाड़ी से नीचे उतारने का प्रयास किया तो नयापुरा थानाधिकारी ने उनसे अभद्रता करते हुए मारपीट की। इससे माहौल गर्मा गया। अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
जांच कमेटी गठित
रेबीज पीडि़त बालिका की मौत के मामले में जांच के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सीनियर फिजिशियन डॉ. दीप्ती शर्मा, डॉ. मनोज सालूजा व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपीकिशन की कमेटी गठित की है। यह पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
सीआई पर मारपीट का आरोप
बेटी के इलाज के लिए कोटा आया था, लेकिन अस्पतालों में भर्ती नहीं किया। शाम को जब जेके लोन में भर्ती किया तो यहां रात के ड्यूटी डॉक्टर व नर्सों ने उससे अभद्रता कर भगा दिया।?सुबह बेटी की मौत हो गई। यहां पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे तो सीआई ने हाथापाई की। इससे उसके हाथ में चोट लगी।
सुरेश, बेटी का पिता
मुआवजा दिलाने का करेंगे प्रयास
कानूनी प्रक्रिया के तहत जो भी मुआवजा बनेगा। उसे दिलाने का प्रयास करेंगे। इसका प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजेंगे।
मोहनलाल प्रतिहार, एसडीएम
मारपीट का आरोप गलत
बालिका की मौत पर एमबीएस के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें रोका तो वह नाराज हो गए। वहां मीडियाकर्मी व पुलिस का एक वीडियोग्राफ र भी मौजूद था। धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप गलत है।
मुनिन्द्र सिंह, सीआई, नयापुरा थाना
रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
तीनों अस्पतालों में रेबीज पीडि़त बालिका को भर्ती नहीं करने का मामला सामने आया था। इस मामले में तीन चिकित्सकों की जांच कमेटी गठित की है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई करेंगे।
डॉ. विजय सरदाना, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
Published on:
16 Mar 2020 08:30 am
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