13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्वाति हत्याकांड : हाईकोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला, फांसी की सजा उम्रकैद में बदली

आरकेपुरम में एक चालक ने महिला की चाकूओं से गोदकर की थी हत्या  

less than 1 minute read
Google source verification

कोटा

image

Rajesh Tripathi

Apr 27, 2019

kaota news

स्वाति हत्याकांड : हाईकोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला, फांसी की सजा उम्रकैद में बदली

कोटा. राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वाति हत्याकांड मामले की सुनवाई करते हुए निचली कोर्ट के आदेश को अपास्त करते हुए फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया। मामले मे आरोपी झालावाड़ जिले के मनोहरथाना क्षेत्र के कोलूपुरा निवासी लालचंद (38) को स्वाति की हत्या के मामले में कोटा एडीजे 4 ने 13 दिसंबर 2018 को दोषी मानते हुए फांसी की सजा से दंडित किया था। साथ ही 30 हजार का अर्थदंड भी लगाया था। आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश कमलजीत सिंह अहलूवालिया, जीआर मूलचंदानी ने निचली कोर्ट के एडीजे 4 के आदेश को अपास्त करते हुए फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया।


यह था मामला

आरकेपुरम निवासी दीपेंद्र कुमार गुप्ता ने 21 अगस्त 2015 को आरकेपुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी पत्नी स्वाति गुप्ता रात्रि 9.30 बजे कार से घर पहुंची। वह जैसे ही घर के अंदर जाने लगी। उसी समय चालक लालचंद ने चाकू से ताबड़तोड़ 7-8 वार कर दिए। स्वाति घटनास्थल पर बुरी तरह घायल होकर गिर पड़ी। जिसे चिकित्सालय ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में आरकेपुरम थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिर तार किया और जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी के िालाफ न्यायालय में चालान पेश किया।