
वनभूमि पर धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन
रावतभाटा: रावतभाटा में एसडीएम कार्यालय के पीछे राजस्व भूमि हाल जवाहर सागर सेंचूरी क्षेत्र की वन भूमि पर मोहरम, काली मिट्टी व पत्थरों का अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। अवैध खननकर्ता इतने निर्भिक है कि खनन स्थल के पास ही रावतभाटा एसडीएम, तहसीलदार व उपखण्ड मजिस्ट्रेट कार्यालय होने के बावजूद बेखौफ धड़ल्ले से अवैध खनन में जुटे हुए है। पास में ही क्षेत्रीय वन अधिकारी रावतभाटा कार्यालय है, लेकिन अवैध खनन क्षेत्र उनकी रेंज में नहीं होने से वे भी कार्रवाई नहीं कर पाते। राजस्व व खनन विभाग ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।
राजस्व भूमि को जवाहर सागर सेंच्यूरी में किया था शामिल
रिटायर्ड क्षेत्रीय वन अधिकारी जवाहर सागर बिम्बाधर शर्मा ने बताया कि उनकी मां कमला बाई भैंसरोडगढ़़ निवासी है। वो बताती है कि आज से करीब 70-75 वर्ष पूर्व चामला, कचौलिया, मुहुपुरा क्षेत्र में घना जंगला हुआ करता था। वे बचपन में जब जानवर चराने जाया करती थी तो उन्होंने एक बार चामला क्षेत्र में शेर तक देखा था। शर्मा ने बताया कि यह क्षेत्र पहले राजस्व विभाग में था। लेकिन जब जवाहर सागर सेंच्यूरी घोषित हुई तो रावतभाटा चौराहा से लेकर जावरा तक का क्षेत्र जवाहर सागर अभ्यारण्य में शामिल कर लिया गया था और आज भी है।
50 ट्रॉली रोजाना निकल रहा पत्थर
रावतभाटा में जवाहर सागर रेंज वन भूमि पर चामला, कचौलिया, महुपुरा व संणीता गांव के पास वन भूमि पर रोजाना करीब 50 से ज्यादा ट्रैक्टर ट्रॉली अवैध खनन कर काली मिट्टी, मोहरम व पत्थर निकाला जा रहा है। यह पत्थर रावतभाटा, झालरबावड़ी, बाड़ौली तक अवैध खननकर्ता इसकी आपूर्ति कर रहे है।
60 हजार से ज्यादा का पत्थर रोज निकल रहा
अवैध खनन में जुटी ट्रैक्टर ट्रॉली चालकों एक ट्रॉली पत्थर की रेट पूछी तो उन्होंने बताया कि पत्थरों की भी अलग-अलग रेट है। भर्ती के काम आने वाले पत्थर की एक ट्रॉली 750 रुपए, चुनाई के काम आने वाला पत्थर प्रति ट्रॉली 1200 से 1500 रुपए, मोहरम 1200 रुपए व काली मिट्टी (गारा) 1500 रुपए प्रति ट्रॉली के हिसाब से रावतभाटा में सप्लाई किया जा रहा है।
Published on:
16 Jan 2021 09:39 am
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