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कोटा. घडिय़ाल अभयारण्य क्षेत्र समेत शहर के कई स्थानों पर मिट्टी का अवैध खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। रात तो छोडिय़े, दिन के उजाले में भी मिट्टी का अवैध खनन हो रहा। मिट्टी भरे ट्रैक्टर बिना किसी रोक-टोक के सड़कों पर दौड़ रहे। यही नहीं, इन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों का तो यहां तक कहना है कि नॉर्दन बाइपास के कार्य में भी चम्बल के किनारे ऊंचे टीलों को काटकर मिट्टी डाली गई है।
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40 से 50 ट्रैक्टर ट्रॉली मिट्टी की हो रही खुदाई
कुन्हाड़ी से लेकर रंगपुर, मानस गांव तक मिट्टी का अवैध खनन हो रहा है। 15 से 20 गांव मिट्टी के अवैध कारोबारियों से परेशान हैं। रोज 40-50 टै्रक्टर-ट्रॉलियां अवैध मिट्टी भरकर या तो प्लानिंग में डाली जा रही हैं या सड़क कार्य में इसका उपयोग किया जा रहा है। कई डम्पर भी इस कार्य में लगे हैं। एक ट्रॉली मिट्टी 500 से 700 रुपए तक बेची जा रही है।
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200 फीट ऊंचेे टीले बने गुफा
कभी रंगपुर गांव में चम्बल के किनारे 200 फीट तक ऊंचे मिट्टी के टीले हुआ करते थे। अवैध खनन की हालत यह कि अब यहां जमीन के नीेचे करीब 25 फीट गहरी गुफा बना दी गई है। रंगपुर गैस गोदाम के पीछे टीलों की मिट्टी को बेचकर समतल खेत बना दिए गए हैं। ग्रामीणों को अब बरसात में बाढ़ आने का खतरा सताने लगा है। यही नहीं, इस मिट्टी खनन में हजारों पेड़ों की बलि भी दी जा चुकी है। अवैध मिट्टी खननकर्ता गावड़ी, गंगाइचा, चोखी, मानसगांव सहित कई जगह सक्रिय हैं।
घडिय़ाल अभयारण्य क्षेत्र के उप वन संरक्षक रामबाबू भारद्वाज ने बताया कि स्टाफ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हुए हैं। मिट्टी खनन की गहराई नापी जा रही है, वहीं मुकदमें दर्ज कराने की तैयारी है। ट्रैक्टरों को जप्त किया जाएगा।
Published on:
15 Jun 2018 11:21 am
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