कोटा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार दोपहर को बड़ी कार्रवाई करते हुए आयकर कार्यालय पर छापा मार इनकम टैक्स कमिशनर अमरीश बेदी के दलाल को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। रिश्वत की राशि चेक के रूप में थी। जिसे एसीबी अधिकारियों ने बरामद कर ली है। कमिशनर अमरीश बेदी ने दलाल के जरिए परिवादी से जमीन बेचान के मामले में फैसला परिवादी के पक्ष में करने की एवज में 2 लाख रुपए मांगे थे। जिसकी पहली किस्त के रूप में परिवादी भरत कुमार कुश्वाह ने 50 हजार रुपए का चेक कमिशनर के दलाल वीरेंद्र कुमार जैन को दिए। इसी बीच एसीबी ने दलाल वीरेंद्र को रिश्वत का चेक लेते रंगे हाथ दबौच लिया। हालांकि कमिशनर बेदी छुट्टी पर होने के कारण एसीबी के हाथ नहीं लगा।
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एसीबी एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि 9 जनवरी को लाडपुरा तहसील के धाकडख़ेड़ी गांव निवासी भरत कुमार कुशवाह ने एसीबी में परिवाद दिया था। जिसमें बताया कि उसकी मां आबदा बाई के खाते की जमीन बेची थी। जिसकी स्कू्रटनी प्रोसिडिंग इनटैक्स विभाग में चल रही थी। इसकी लाइबिलिटी लगभग 57 लाख रुपए निकाली थी। इसके विरोध में सीआईटी में अपील की थी। जहां अपील अधिकारी इनकम टैक्स कमिशनर अमरीश बेदी है। उसने अपने दलाल वीरेंद्र जैन मारवाड़ा के जरिए उक्त अपील का फैसला नियमानुसार परिवादी के पक्ष में करने के लिए 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। इस पर शिकायत का सत्यापन करवाया। जिसमें कमिशनर द्वारा दलाल जैन के मार्फत परिवादी से रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई। इसके बाद गुरुवार दोपहर एक बजे कार्रवाई करते हुए दलाल वीरेंद्र जैन को पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपए का चेक लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
2 लाख मांगे, एक लाख में हुआ सौदा तय
एसीबी एसपी चौधरी ने बताया कि इनकम टैक्स कमिशनर ने परिवादी के पक्ष में अपील का फैसला देने की एवज में 2 रुपए रिश्वत की मांग की थी। बाद में सौदा 1 लाख रुपए में तय हुआ। जिसके तहत पहली किस्त रिफंड आने से पहले और दूसरी किस्त रिफंड के बाद लेना तय हुआ। परिवादी ने गुरुवार को पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपए का चेक दलाल वीरेंद्र जैन को दिया। इसी बीच एसीबी ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कमिशनर ने कहा- चेक पर मत लिखना नाम
परिवादी भरत कुमार ने बताया कि इनकम टैक्स कमिशनर अमरीश बेदी ने उनसे 50 हजार रुपए का चेक अकाउंट-पे पर बनवाने व उस पर किसी का नाम न लिखने को कहा था। इसके बाद उन्होंने कहा कि जैसे ही पैसा हाथ में आएगा वैसे ही तुम्हारा काम हो जाएगा।
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2 करोड़ 95 लाख में बिकी जमीन पर वसूल रहा था टैक्स
परिवादी भरत ने बताया कि बोरखेड़ा रोड स्थित देवली अरब रोड पर उसकी मां के नाम 9 बीघा जमीन थी, जिसे 2 करोड़ 95 लाख रुपए में बेची। इस राशि से उसने कुछ जमीन खरीदी और जो पैसा बचा उसके हिसाब से नियमानुसार 4 लाख रुपए का टैक्स जमा करवाया। इसके बावजूद कमीशनर ने उस पर 57 लाख रुपए का टैक्स निकाल दिया। इसके विरोध में सीआईटी में अपील की। जहां अपील अधिकारी बेदी ने अपील का फैसला उसके हक में करने के लिए 2 लाख रुपए रिश्वत मांगी। बाद में सौदा एक लाख रुपए में तय हुआ।