कोटा . कोटा जिले के बहादुर जवान शहीद हेमराज मीणा की पार्थिव देह शुक्रवार रात ही दिल्ली से रवाना हो गई थी। कोटा में शहीद स्मारक पर शनिवार सुबह वीर सपूत को सम्मान देने के लिए सैकड़ो लोग पहुंचे। सड़कों पर देशभक्ति का ज्वार ोे वीर सपूत के इस बलिदान को लेकर लोगो में आतंक के खिलाफ गुस्सा देखते ही बना। शहीद हुए बहादुर जवान के अंतिम दर्शन के लिए लोग उमड़े पड़े। वीर जवानों का यह बलिदान नहीं सहेगा हिन्दूस्तार जैसे नारे यहां लोग लगाते रहे। पाकिस्तान व आंतकियों की कायरतापूर्ण कृत्य पर लोगों में जमकर गुस्सा नजर आया। पाकिस्तान के खिलाफ यहां नारे लगाते रहे लोग।
#AbAurNahi: शहीद हेमराज का मासूम बेटा बोला-पापा की तरह बनकर मैं खत्म करूंगा आतंकवाद
कोटा शहीद स्मारक से शहीद का पार्थिव देह कोठडी होता हुआ एरोड्रम सर्किल उद्योग नगर से रायपुर होता हुआ सांगोद के लिए रवाना हुआ। एरोड्रम पर बड़ी संख्या में लोग पार्थिव देह को श्रधांजलि देने के लिए लोगो का हुजूम उमड़ पड़ा । शहीद हेमराज मीना की पार्थिव देह पौने 11 बजे कोटा में स्थित शहीद स्मारक पर पहुंची। यहां सुबह से ही हजारों की संख्या में लोग श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए एकत्र थे। युवा, महिला, वृद्ध हर वर्ग के लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश था और उन्होंने कहा, अब खून का बदला खून से ही लेना पड़ा।
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पाकिस्तान का नामोनिशान मिटाने की मांग को लेकर नारेबाजी हुई। कोटा से लेकर शहीद के पैतृक तक हर गांव में शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के लोग सांगोद के पास स्थिति विनोदखुर्द गांव पहुंचे। शहीदों को श्रद्धाजंली देने के लिए दोपहर १२ बजे तक कोटा के बाजार, स्कूल और पेट्रोल पंप बंद रहे। कोटा में शहरी स्मारक से लेकर एरोड्राम सर्किल तक सड़क के दो ओर लोग खड़े होकर शहीद की यात्रा पर पुष्प बरसाते रहे। युवाओं में पाकिस्तान के खिलाफ तीव्र आक्रोश है। नगर निगम की बजट बैठक में शहीदों को श्रद्धाजंलि देने के बाद स्थगित कर दी गई। नगर निगम ने शहीद के परिवार को ५ लाख रुपए और पार्षदों ने एक-एक माह का वेतन देने की घोषणा की।