
Jupiter Transit Aries : सुख-समृद्धि के कारक देव गुरु बृहस्पति मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु किसी भी राशि में करीब 13 माह तक रहते हैं। विभिन्न राशियों में चक्र लगाते हुए 12 वर्ष बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषाचार्य शिवप्रकाश दाधीच के अनुसार बृहस्पति 22 अप्रेल को सुबह 6.41 बजे मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जहां 1 मई 2024 रहेंगे। बृहस्पति का राशि परिवर्तन महत्वपूर्ण माना गया है। इससे मीन व मेष राशि समेत अन्य राशियां प्रभावित होंगी।
मित्र के घर प्रवेश कर बनाएंगे योग
गुरु, धनु व मीन राशि के स्वामी माने जाते हैं, वहीं मेष राशि का स्वामी मंगल है। इससे बृहस्पति अपने घर से निकलकर मित्र की राशि में प्रवेश करेंगे। मेष राशि में सूर्य, बुध व राहु पहले से ही विचरण कर रहे हैं। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर बृहस्पति के मेष राशि में प्रवेश कर 15 मई तक चतुग्रही योग बनाएंगे। सूर्य 15 मई तक मेष ही मेष राशि में रहेंगे।
सात योग में अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया पर चंद्रमा भी अपनी उच्च राशि वृष में रहते है। शुक्र भी स्वयं की वृष राशि में शुभदायी स्थिति में रहेंगे। अक्षय तृतीया आयुष्मान- सौभाग्य योग, त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थ सिद्धि योग अमृत सिद्धि योग व रवि योग में मनाई जाएगी। अक्षय तृतीया को नर नारायण, परशुराम व हयग्रीव भगवान के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन किए गए कन्यादान का पुण्य भी अक्षय होता है।
राशियां पर प्रभाव
मेष राशि : सुख कारक
वृष राशि : परेशानीदायक
मिथुन : धन लाभ
कर्क : राज्य लाभ
सिंह : धर्म लाभ,
कन्या : रोग कारक
तुला : दांपत्य सुख
वृश्चिक : कष्ट कारक
धनु : पुत्र सुख
मकर : वाहन लाभ
कुंभ : जय कारक
मीन : आर्थिक समृद्धि
Published on:
22 Apr 2023 10:03 am

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