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किसान लामबंद, जमीन ली है तो बाइपास चालू करो

नॉर्दन बाइपास का अटका कार्य पूरा करने की उठी मांग

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किसान लामबंद, जमीन ली है तो बाइपास चालू करो

किसान लामबंद, जमीन ली है तो बाइपास चालू करो

कोटा. कोटा शहर के रिंग रोड के अहम भाग नॉर्दन बाइपास से प्रभावित किसान बाइपास का शेष कार्य पूरा कर चालू करने की मांग करने लगे हैं। किसानों का कहना है कि बाइपास चालू होने से क्षेत्र के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके लिए ही किसानों ने सरकार को बाइपास निर्माण के लिए जमीन दी थी। क्षेत्र के किसानों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने जिला कलक्टर उज्जवल राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर रुका हुआ काम अविलम्ब पूरा करवाने की मांग की है। किसानों ने उन्हें बताया कि जब लगभग सभी किसान मुआवजा ले चुके हैं तो कुछ किसानों के विरोध के नाम पर इतनी बड़ी योजना को अधूरा छोड़कर किसानों के लिए सिरदर्द क्यों बनाया हुआ है। कोटा थोक फ ल सब्जीमण्डी के अध्यक्ष ओम मालव एवं भाजपा एसटी मोर्चा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नन्दलाल मीणा की अगुवाई में जिला कलक्टर से मिले। किसानों ने उन्हें बताया कि कोटा शहर को भारी वाहनों के दबाव और प्रतिदिन होने वाली दुर्घटनाओं से बचाने के लिए रिंग रोड की योजना बनाई गई थी और नॉर्दन बाइपास इस रिंग रोड का महत्वपूर्ण हिस्सा था, जो कोटा बारां राष्ट्रीय राजमार्ग 27 को कोटा लालसोट मेगा हाइवे से जोड़ता है। इस बाइपास के निर्माण के लिए क्षेत्र के किसानों की जमीनें अवाप्त की गई और वर्ष 2013-14 में नगर विकास न्यास कोटा द्वारा इसका निर्माण प्रारम्भ किया गया था। उस समय किसानों की जमीनें बाजार दर से 10 गुना कम कीमत पर अवाप्त की गई, जिससे किसानों और नगर विकास न्यास के बीच मुआवजे की राशि को लेकर विवाद हुआ। कुछ किसानों द्वारा मुआवजा नहीं लिया गया और उनके विरोध पर ही 2016 में प्रशासन ने बाइपास निर्माण कार्य बन्द कर दिया। चार साल से काम बन्द होने से प्रशासन की बात मानकर मुआवजा लेने वाले और निर्माण का विरोध नहीं करने वाले किसान अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। बची हुई जमीन की कीमतें बढऩा तो दूर अधूरे निर्माण के कारण उनका अपने खेतों में जाकर कृषि कार्य करना भी दुष्कर हो गया है। किसानों ने मांग की है कि उक्त बाइपास का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और मात्र कुछ किसानों के कारण विकास का यह बड़ा आयाम अधूरा पड़ा हुआ है। इसलिए नॉर्दन बाइपास के निर्माण के लिए अपनी जमीनें देने वाले हम सभी किसानों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए कि इस बाइपास का निर्माण अविलम्ब प्रारम्भ करवाया जाए।