
कोटा . कौन कहता है कि आसमां में छेद नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबीयत से उछालों यारों किसी शायर की इन पंक्तियों को साकार करने वाला कार्य किया है कोटा के मृगेश गुप्ता ने। उन्होंने सिद्ध कर दिया की असंभव कुछ भी नहीं है, दृढ़ ईच्छा शक्ति होनी चाहिए। मृगेश ने चैन्नई में आयोजित ट्रायथेलोन में आयरन मैन का खिताब जीता है। उन्होंने 17 घंटे 10 मिनट में 3.9 किमी तैराकी, 180 किमी साइक्लिंग, 42 किमी दौड़ पूरी की। ऐसा करने वाले मृगेश कोटा के पहले और राजस्थान के दूसरे एथलीट हैं। इससे पहले जयपुर के नरेन्द्र खर्रा आयरन मैन का खिताब जीत चुके हैं।
फैसबुक पर दोस्त की पोस्ट से मिली प्रेरणा
मृगेश ALLEN Career Institute kota कोचिंग संस्थान में फैकल्टी के तौर पर कार्य कर रहे हैं। दोस्त गौरव खंडेलवाल की फेसबुक पर 150 किमी दौड़ की पोस्ट से प्रेरित होकर मृगेश ने भी साइक्लिंग शुरू कर दी। इसे देख दोस्त उसे आयरन मैन कहने लगे। इसका मतलब पूछने और इसकी पूरी जानकारी लेकर तैयारी शुरू कर दी।
तैरने का अभ्यास दिल्ली में
कोटा में बड़े स्वीमिंग पूल नहीं है तथा चम्बल में घडिय़ाल व अन्य जीव होने से डर लगता था। ऐसे में तैरने के लिए दिल्ली जाते थे। वहां भट्टी माइन्स में दोस्त के साथ अभ्यास करते थे।
डाइट पर विशेष ध्यान
बेहतर स्वास्थ्य के लिए सवा साल से बाजार का फूड खाना बंद कर दिया। तला हुआ भी कम से कम। शरीर में प्रोटीन व अन्य पोषक तत्वों का पूरा ध्यान रखते हुए आहार लेते हैं।
सात शनिवार सोया नहीं
उनके जुनून का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मई-जून माह में तैयारी के लिए सात शनिवार तक नींद नहीं निकाली। हर शनिवार को रातभर साइक्लिंग करते थे। इसके बाद सुबह दौड़ते और चैलेंज की तैयारी करते थे।
पेरिस में हुए निराश
सितम्बर 2016 से मैराथन व आयरन मैन की तैयारियां शुरू की। करीब एक साल बाद पेरिस गया। वहां डेंगू हो गया। ऐसा लगा जैसे सपना टूट गया है, लेकिन परिजनों व दोस्तों ने हौसला दिया।
अब तक ये उपलब्धियां
15 जनवरी 2016 को मुम्बई मैराथन दौड़, कॉलेज में मार्शल आर्ट किक, बॉक्सिंग में ब्लैक बेल्ट, दिल्ली हॉफ मैराथन व जयपुर में थार में रेस पूरी, गत 19 मार्च को जयपुर में हॉफ आयरन मैन का चैलेंज।
Updated on:
21 Dec 2017 04:20 pm
Published on:
20 Dec 2017 11:34 pm
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