
बच्चे मरते रहे..गोद उजड़ती रही...न चिकित्सा मंत्री कोटा आए न मुख्यमंत्री
कोटा. जेकेलोन अस्पताल में नवजातों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पूरे मामले में अब गहलोत सरकार घिरती हुई नजर आ रही है। मासूमों की मौत का आंकड़ा 103 पहुंच गया है लेकिन न चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा न ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अभी तक कोटा आकर
हालात देखे हैं। गुरूवार को कोटा आए पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी ने भी सरकार के मंत्री और सीएम अशोक गहलोत पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दिल्ली में अपनी राजनीति चमकाने में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें अपने प्रदेश की दशा नजर नहीं आ रही ।
नव वर्ष की शुभकामनाएं जरूरी ?
एक ओर जहां सैंकड़ों मांओं की गोद उजड़ गई हो, ऐसे समय में परिवारों को संवेदना देने की जगह चिकित्सा मंत्री ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नए साल के मौके पर गुलदस्ता देना ज्यादा जरूरी समझा।
सरकार की शर्मनाक सफाई
गुरूवार को अपने बचाव में स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने अजीबो गरीब दलील देते हुए अपनी जिम्मेदारी तय करने की बजाय भाजपा सरकारों के समय हुई मौत के आंकड़े गिना दिए। उन्होंने ट्वीट कर लिथा कि हमें इन मौतों का दुख है। हमारी जिम्मेदारी बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की होती है। सरकार के इस रवैये से नाराज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गंाधी ने भी प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना को दिल्ली तलब कर रिपोर्ट देेने को कहा ।
प्रियंका और गहलोत पर भड़कीं मायावती
सियासी घमासान के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, 'कांग्रेस शासित राजस्थान के कोटा जिले में हाल ही में लगभग 100 मासूम बच्चों की मौत से मांओं का गोद उजडऩा अति-दु:खद और दर्दनाक है। वहां के सीएम अशोक गहलोत खुद और उनकी सरकार इसके प्रति अभी भी उदासीन, असंवेदनशील व गैर-जिम्मेदार बने हुए हैं, जो अति-निंदनीय है।'
माया ने लिखा, 'उससे भी ज्यादा अति दु:खद है कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व व खासकर महिला महासचिव (प्रियंका गांधी) की इस मामले में चुप्पी साधे रखना। अच्छा होता कि वह यूपी की तरह उन गरीब पीडि़त मांओं से भी जाकर मिलती, जिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही के कारण उजड़ गई हैं।
Published on:
02 Jan 2020 09:16 pm
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