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video: शहरवासी रोज खा रहे 50 टन ‘बादाम’

आम को फलों का राजा कहा जाता है। वैसे तो आम सीजनेबल फल है, लेकिन आजकल पुनासा आम (ग्राफ्टेड) पूरे साल भर मिल जाता है। कोटा वासी आम के खासे शौकीन है। थोक कारोबारियों के अनुसार, कोटा शहर में रोजाना 54 टन आम यानी 17 लाख रुपए के आम की खपत है।

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आम को फलों का राजा कहा जाता है। वैसे तो आम सीजनेबल फल है, लेकिन आजकल पुनासा आम (ग्राफ्टेड) पूरे साल भर मिल जाता है। कोटा वासी आम के खासे शौकीन है। थोक कारोबारियों के अनुसार, कोटा शहर में रोजाना 54 टन आम यानी 17 लाख रुपए के आम की खपत है। कोटा संभाग में यह आंकड़ा 75 टन तक पहुंच जाता है। आम को चटनी, अचार, शेक, पन्ना आदि के रूप में भी खाया जाता है।

बादाम की सबसे ज्यादा डिमांड
थोक व्यापारी राहुल आडवाणी ने बताया कि कोटा में सबसे ज्यादा बादाम आम की डिमांड है। शहर में प्रतिदिन 50 टन यानी 50 हजार किलो की खपत है। इसके अलावा 4 टन हापुस (अल्फांसो), केसर, लंगड़ा व दशहरी आम की खपत है। हापुस व केसर की डिमांड हाई प्रोफाइल सोसायटी में ज्यादा है। आमजन की पसंद बादाम, लंगड़ा, दशहरी व तोतापुरी ही है।

हर उम्र के लोगों की पसंद है आम
हर उम्र के लोगों की पसंद है आम। हाड़ौती में आम की खपत सबसे ज्यादा कोटा में होती है। सीजन में सबसे पहले बादाम आम को पसंद करते हैं। जून में लंगड़ा व दशहरी की आवक शुरू हो जाएगी।

फैक्ट फाइल (आम की खपत)
-50 टन बादाम आम कोटा शहर
-4 टन हापुस, लंगड़ा, दशहरी आम कोटा शहर
-20 टन बादाम, तोतापुरी आम कोटा ग्रामीण
-1 टन हापुस, लंगड़ा, दशहरी आम कोटा ग्रामीण
-75 टन सभी आमों की खपत कोटा संभाग में