3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शिक्षक दीपक की तरह, मिटाते हैं जीवन का अंधकार

सांसद ओम बिरला की पहल पर सेवानिवृत्त गुरुजनों का सम्मान

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Deepak Sharma

Sep 06, 2018

kota news

शिक्षक दिवस पर सांसद ओम बिरला....

कोटा. कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला की पहल पर शिक्षक दिवस पर बुधवार को किशोरपुरा स्थित छप्पन भोग पर सेवानिवृत्त गुरुजनों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। हजारों सेवानिवृत्त शिक्षकों को माला पहनाकर एवं तिलक लगाकर सम्मानित किया गया। कई शिक्षक जो बरसों तक साथ रहे और सेवानिवृत्ति के बाद से नहीं मिल पाए थे, जब एक-दूसरे से मिले तो खुशी से चेहरे खिल उठे। गुरुजनों ने परस्पर गले मिलकर एक-दूसरे के साथ बिताई पुरानी यादों को ताजा किया। मुख्य अतिथि सांसद ओम बिरला थे। मंच पर विधायक संदीप शर्मा, सहकारी समिति के अध्यक्ष श्रीकृष्ण बिरला, कॅरियर प्वाइंट के निदेशक ओम माहेश्वरी, सेवानिवृत्त शिक्षक पीएन गुप्ता, पूर्व डीईओ एसएसी अंसारी, पूर्व प्राचार्य डॉ. टीसी लोया, गोपाल सिंह, शिक्षाविद् कुलदीप माथुर मौजूद रहे।
कार्यक्रम में सांसद ओम बिरला ने कहा कि शिक्षकों ने सदैव समाज में उच्च आदर्शों की स्थापना की है। देश के निर्माण में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक दीये की तरह हैं, जो स्वयं जलकर भी दूसरों को प्रकाशित करने का कार्य करते हैं। कईं शिक्षकों ने जीवन के अनमोल पल संसाधन विहीन गांवों में गुजार दिए। शिक्षा के प्रति ऐसे समर्पण को नमन करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी में लोग इंटरनेट पर ज्यादा विश्वास करने लगे हैं, परंतु गूगल पर जानकारी तो मिल सकती है, लेकिन ज्ञान केवल गुरु ही दे सकता है। विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि गुरु के बिना किसी भी क्षेत्र में सफ लता नहीं मिल सकती। जिसने गुरु को झुककर ग्रहण किया, उसे सब कुछ मिला है। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे राजनीतिक गुरु के रूप सांसद ओम बिरला मिले। उन्होंने अंगुली पकड़कर राजनीतिक गलियों में चलना सिखाया। कार्यक्रम को सेवानिवृत्त प्रिंसिपल डॉ. गोपाल सिंह, कॅरियर पॉइंट के निदेशक ओम माहेश्वरी, पीएन गुप्ता ने भी सम्बोधित किया।

अपने शिष्य को आगे बढ़ते देखना अच्छा लगता है

सांसद ओम बिरला के गुरू और शिक्षक प्रेमनारायण शर्मा ने कहा कि हर शिक्षक का सपना होता है कि उसका विद्यार्थी आगे बढ़े। जब ओम को सांसद के रूप में लोगों के दुख दर्द में भागीदार होते हुए देखता हूं तो लगता है कि अपना शिक्षक के रूप में जीवन सफ ल हो गया। अपने शिष्य को लोक सेवा में सफ लता के पायदान चढते हुए देखना अपने आप में बहुत अच्छा अनुभव होता है। सांसद बिरला ने अपने गुरु के पैर स्पर्श किए तो गुरु ने उन्हें गले से लगाकर आशीर्वाद दिया।

Story Loader