
MBS Hospital
सुबह से ही तेज धूप और उमस के बीच एमबीएस अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। कोई बुजुर्ग जांच कराने आया था तो कोई अपने बीमार परिजन को दिखाने, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद मरीजों को इलाज से ज्यादा इंतजार की परीक्षा देनी पड़ी। वजह थी वेतन नहीं मिलने से नाराज संविदा कर्मचारियों का दो घंटे का कार्य बहिष्कार।
अस्पताल में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे से 12 बजे तक 650 मैन पावर संविदा कर्मियों ने काम बंद कर दिया। इसका असर अस्पताल की पूरी व्यवस्था पर दिखाई दिया। पंजीयन, जांच, दवा और अन्य काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं। भीषण गर्मी में मरीज और उनके परिजन घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे। बीमारी की तकलीफ लेकर अस्पताल पहुंचे मरीजों को इलाज से पहले इंतजार की पीड़ा झेलनी पड़ी। कई बुजुर्ग मरीजों को बैठने तक की जगह नहीं मिली। लाइनों में धक्का-मुक्की की नौबत रही। हालात यह रहे कि लोग लाइनों में गर्मी के मारे पसीने से तरबतर होते रहे। ऐसे में सुरक्षा गार्ड को व्यवस्था बनानी पड़ी।
पर्ची का कार्य नर्सिंग स्टूडेंट ने संभाला
कार्य बहिष्कार के दौरान अस्पताल की व्यवस्था संभालने के लिए नर्सिंग स्टूडेंट्स को आगे आना पड़ा। अस्पताल प्रशासन ने नर्सिंग स्टूडेंट की ड्यूटी पर्ची, जांचों के कार्य में लगाई। उन्होंने काउंटरों और मरीजों की सहायता कर हालात को संभालने का प्रयास किया, लेकिन वे प्रशिक्षित नहीं होने के कारण मरीजों के इलाज में देरी हुई। कई मरीज ऐसे थे जो दूरदराज के गांवों से इलाज की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन काउंटरों पर कामकाज प्रभावित होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। बुजुर्ग मरीजों और महिलाओं की परेशानी सबसे ज्यादा नजर आई। कोई पर्ची बनवाने के लिए लाइन में था तो कोई जांच रिपोर्ट लेने के लिए भटक रहा था।
मरीजों का दर्द
सुल्तानपुर क्षेत्र निवासी रामलाल मीणा ने बताया कि वे सुबह 9 बजे अस्पताल पहुंच गए थे। पर्ची बनवाने और जांच कराने के लिए लाइन में लगना पड़ा। काफी देर तक काउंटर पर काम नहीं हुआ, जिससे परेशानी बढ़ गई। बीमारी में पहले ही तकलीफ होती है, ऊपर से घंटों इंतजार करना पड़ा।
कोटा के डडवाडा निवासी शांति देवी ने बताया कि बुजुर्ग होने के कारण ज्यादा देर खड़ा रहना मुश्किल होता है। डॉक्टर को दिखाने आई थी, लेकिन कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण काफी देर तक लाइन में खड़ी रहना पड़ा। गर्मी से वे बेहाल हो गए। थक हारकर लाइन में बैठ गई।
एक माह से वेतन नहीं
संविदा कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें समय से वेतन नहीं मिल रहा है। करीब चार करोड़ रुपए का भुगतान बकाया होने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है और बार-बार आश्वासन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा। राजस्थान चिकित्सा विभाग निविदा-ठेका कर्मचारी संयुक्त महासंघ जिला शाखा कोटा दिलीप सिंह व एकीकृत निविदा कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवाशीष सेन के नेतृत्व में कर्मचारियों ने पहले उपाधीक्षक कार्यालय व फिर अधीक्षक कार्यालय के सामने आधे- घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन भुगतान नहीं हुआ तो 10 जून से पूर्ण हड़ताल की जाएगी।
खातों में डलवाई जा रही सैलरी
संविदा कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कर्मचारियों के खातों में वेतन राशि डलवाई जा रही है और भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
डॉ. धर्मराज मीणा, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल
Updated on:
09 Jun 2026 08:21 pm
Published on:
09 Jun 2026 08:19 pm
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