MHTR : कोटा (हेमंत शर्मा). दो वर्षों से बुरा वक्त झेल रहे मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व से मुश्किलों के बादल छट जाएंगे और वन्यजीव प्रेमियों व पर्यटकों को खूब रास आएगा। ज्योतिष में विश्वास रखते हैं तो जंगल में अब खूब मंगल होने वाला है। ज्योतिष की मानें तो बाघ टी- 110 यानी एमटी-5 ने जंगल में मंगल प्रवेश खास घड़ी में किया है। टाइगर रिजर्व में बाघ व बाघिन की जोड़ी खूब जमेगी। टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा फलेगा- फूलेगा। हालांकि कुछ चुनौतियां भी सामनें आएंगी।
इतने सुखद संयोग
ज्योतिषाचार्य शिव प्रकाश दाधीच बताते हैं कि बाघ एमटी- 5 को 2़1 नवंबर सुबह 5:45 बजे समय तुला लग्न की कुंडली के अनुसार शश नामक पंच महापुरुष योग में बाघ को एनक्लोजर के बंधन से मुक्त किया। ज्योतिष की दृष्टि से यह उपयुक्त समय रहा। इसकी बाघिन एमटी- 4 के साथ खूब कैमेस्ट्री जमेगी। यह मुकुन्दरा हिल्स के लिए बेहतर साबित होगी। . दूसरे स्थान में मंगल के घर में शुक्र होने के कारण भोजन पर्याप्त मात्रा में मिलता रहेगा और टाइगर युगल के आकर्षण में किसी प्रकार की कमी नहीं आएगी।
बाघ को रणथंभौर से 3 नवंबर को लाकर दिन में 3:59 बजे जंगल में छोड़ा था। उस समय भी मीन लग्न की कुंडली थी, जिस में बृहस्पति लग्न में बैठा होने के कारण हंस नामक पंच महापुरुष योग का निर्माण करता है जो कि बाघ व बाघिन के लिए मंगलकारी रहेगा। प्रवेश कुंडली के अनुसार चतुर्थ स्थान में मिथुन का मंगल संतति सुख तो देता है। 24 नवंबर को गुरु का मार्गी होना भी जोड़ी के लिए खास रहेगा
कट जाएंगे सब संकट
9 अप्रैल 2013 को मुकुंदरा टाइगर रिजर्व की घोषणा के समय की कुंडली के अनुसार बृहस्पति चतुर्थ स्थान में वृष राशि में बैठे हुए हैं, । शनि व राहु भाग्य स्थान में शुक्र के घर वही धन स्थान में सूर्य चंद्रमा मंगल और शुक्र ग्रह गुरु के घर में बैठे हुए हैं जो प्रारंभिक अड़चनों के बाद टाइगर रिजर्व को स्वर्णिम काल की ओर ले जाने का संकेत देते हैं।
जनवरी से होगी बल्ले बल्ले
17 जनवरी 2023 के बाद शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने के साथ ही टाइगर रिजर्व का शुभ काल प्रारंभ होने की संभावना रहेगी।यह टाइगर रिजर्व विकास पर्यटन की दृष्टि से उत्तम काल रहेगा। देश विदेश से सैलानियों को अपनी ओर आकृष्ट करेगा।
यहां ध्यान देने की जरूरत
ज्योतिषाचार्य शिव प्रकाश के अनुसार टाइगर रिजर्व व जंगल में छोड़ने के समय के आधार पर बाघों को सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत रहेगी। 21 नवम्बर के समय के अनुसार अष्टम स्थान में शुक्र के घर में मंगल होने के कारण टाइगर के प्रति प्रशासन को फोड़े फुंसी और घाव जैसे कष्टों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता रहेगी।