
- वर्षायोग चातुर्मास के तहत आयोजित धर्मसभा
बारां. जैन जोड़ला मंदिर के संत भवन में वर्षायोग चातुर्मास के दौरान मुनि गुरुदत्त सागर महाराज एवं क्षुल्लक मेरुदत्त सागर के सानिध्य में विभिन्न धार्मिक आयोजन आयोजित किए जा रहे है। श्रद्धालुओ ने भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा भक्ति भाव से की, इसके बाद आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि गुरुदत्त सागर ने कहा कि मनुष्य का लक्ष्य इंसान बनने तथा इंसान से मनीषी बनने का होना चाहिए। मनीषी व्यक्ति कभी गलत कार्य नहीं करता वह सम्यक दृष्टि वाला होता है और देव, गुरु तथा शास्त्र में कभी दोष नहीं देखता। उन्होंने कहा कि देव, गुरु और जिनवाणी की निंदा करना गंभीर पाप कर्म का कारण बनता है।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ हैए इसलिए समय का सदुपयोग करना चाहिए, इसे व्यर्थ न गंवाए। प्रत्येक जीव में परमात्मा बनने की क्षमता है, इसलिए किसी भी जीव से नहीं बल्कि उसके दुर्गुणों और पापकर्मों से दूरी बनानी चाहिए। उन्होंने जीवन में भोग के स्थान पर योग, तपए, स्वाध्याय, गुरु सेवा और परमात्मा की भक्ति को अपनाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने आज की युवा पीढ़ी से कहा कि मोबाइल का उपयोग करे दुरूपयोग नही। छोटे बच्चे भी मोबाइल के जाल में जकड़ते जा रहे है। परिजन बच्चो को मोबाइल के दुष्प्रभावो को बताए।
धर्मसभा के उपरांत मुनिश्री की आहारचर्या संपन्न हुई। संत भवन में प्रतिदिन धार्मिक एवं ज्ञानवर्धक कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा हैए। जिनमें धर्म, संस्कार, आचार-विचार एवं आध्यात्मिक ज्ञान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर सकल दिगम्बर जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Updated on:
08 Aug 2026 06:00 am
Published on:
08 Aug 2026 06:00 am
