कोटा. मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में एक युवक का बा घिन से सामना हो गया। बाइक सवार युवक के सामने जैसे ही बाघिन आई, उसकी सांसे फूल गई और होंश उड़ गए। जैसे-तैसे खुद को संभाला और उसने भागकर जान बचाई।
मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व ग्राम अधिकार एवं पर्यावरण चेतना समिति के संयोजक नंद लाल मेघवाल ने बताया कि दामोदरपुरा निवासी देवकरण गुर्जर दोपहर किसी को मावा देने के लिए जा रहा था। रास्ते में बाघिन के सामने से अचानक बाघिन गुजरी। बाघिन को देख युवक के होंश उड़ गए और वह गिर पड़ा। इससे उसके पैर में चोट आई। जैसे-तैसे युवक संभलकर बाइक को छोड़कर भागा। मेघवाल के अनुसार बाघिन ने कुछ दूरी तक युवक का पीछा भी किया। थोड़ी देर बाद बालचंद गुर्जर भी दूध बेचकर आया। उसे भी बाघिन नजर आई। वह रास्ते में ही सो रही थी ।
मेघवाल ने बताया कि युवक देवकरण की बाइक को बाद में भोजराज व सूरजमल लेकर आए। मेघवाल के अनुसार टाइगर रिजर्व के गांवों में बसे लोगों में बा घिन का भय है। ग्रामीणों ने गांवों के विस्थापन की मांग को दोहराया है। दामोदरपुरा गांव के अ धिकतर लोग गांव के विस्थापन को लेकर तैयार हैं, लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। गौरतलब है कि टाइगर रिजर्व में 14 गांव हैं। इन 14 गांवों में डेढ़ हजार से अधिक परिवार रह रहे हैं। इन 14 गांवों में डेढ़ हजार से अधिक परिवार रह रहे हैं। इन गांवों में गिरधरपुरा सबसे बड़ा गांव है। इसमें 641 परिवार रह रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार कुल 14 गांवों में से 157 परिवारों का ही विस्थापन किया गया है।