नगर निगम बोर्ड के तीन साल पूरे होने पर महापौर पांच हजार क्षमता की नई गोशाला बनाने की घोषणा करते हुए मुख्य उपलब्धि बता रहे थे। लेकिन, जिस जगह नई गोशाला बनाई जानी थी, वहां पर प्रभावशाली लोगों के कब्जे देखकर निगम पलटी खा गया। गुरुवार को निर्माण समिति की बैठक में भी अधिकारियों ने स्पष्ट कह दिया कि न्यास गोशाला के लिए जो जगह बता रहा है, वहां दबंग लोगों के कब्जे हैं, वह हटाना निगम के बूते में नहीं है।