
कोटा . ओडीएफ से लेकर अतिक्रमण और जनसमस्याओं के उठाए मसले
बोर्ड बजट बैठक में पार्षदों ने आडीएफ से लेकर शैचालय निर्माण न होने, अतिक्रमण होने से लेकर स्थानीय जनसमस्याओं आरडी वर्मा ने ओडीएफ पर सवाल उठाया। कहा कि उनके वार्ड में चार प्रमुख मंदिर आते हैं। सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिदिन आते हैं। कई बार पत्र लिख चुके, सामुदायिक शौचालय क्यों नहीं बनाए जा रहे। बात कहते हुए वर्मा आवेश में आ गए। कृष्ण मुरारी सामरिया वर्मा को शांत कराने लगे तो दोनों भिड़ गए।
उप महापौर सुनीता व्यास ने पार्षदों को संयमित भाषा में ही बात रखने को कहा। नेता प्रतिपक्ष अनिल सुवालका व पार्षद दिलीप पाठक ने भी शौचालय बने बिना ही ओडीएफ करने का मसला उठाया। पार्षद मोनू कुमारी बोलने का मौका नहीं मिलने पर टेबल पर चढ़कर हंगामा करने लगी। महापौर ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। ध्रुव राठौर ने शहर में आवारा मवेशियों की समस्या उठाई। महेश गौतम लल्ली ने सामुदायिक भवनों की मरम्मत, रेखा लखेरा ने अपने शहीद अजय आहूजा की मूर्ति लगाने, रेखा जैन ने बिना अनुमति टावर लगाने पर मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई।
बादाम बाई, जगदीश मोहिल व बशरूद्दीन कुरैशी ने बिना भेदभाव के निर्माण कार्य स्वीकृत करने की मांग रखी। विनोद नायक, ओम गुंजल,राकेश पुटरा, गिरिराज महावर, भगवान गौतम, मोहम्मद हुसैन, युधिष्ठिर चांसी, दीनदयाल चौबदार, नीरज कुशवाह अपने-अपने क्षेत्र की समस्या उठाई।
पट्टे नहीं दिए, जमीन कैसे आवंटित कर दी
पार्षद प्रकाश सैनी व रमेश आहूजा ने कहा कि सिंधी कॉलोनी में अभी तक पट्टे नहीं दिए गए हैं, जबकि नियमों की अनदेखी कर एक जने को 200 फीट जमीन सस्ते दामों पर कैसे आवंटित कर दी। आयुक्त ने जांच का आश्वासन दिया।
कार्रवाई के लिए कौन रोकता है
सफाई के मसले पर पार्षद पवन अग्रवाल ने आवेश में आते हुए कहा कि ठेकेदारों की लेबर की जांच करने से कोई पार्षद नहीं रोकता है। केवल अधिकारी पार्षदों को बदनाम कर रहे हैं। जो ठेकेदार पूरे सफाई कर्मी नहीं लगाता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, हम कोई दखल नहीं करेंगे।
Published on:
09 Feb 2018 03:28 pm
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